
जयपुर/पाली। पाली व रोहट के बीच बाण्डाई गांव के पास स्थित है ओम बन्ना देवल। एक एेसा स्थान जहां एक बाइक (बुलेट) की पूजा होती है। यहां बने ओम बन्ना देवल पर पाली-जोधपुर मार्ग पर जाने वाला कोई वाहन चालक मत्था टेकना नहीं भूलता है। आज यह स्थान आेम बन्ना देवल के साथ बुलेट वाले बन्ना के नाम भी जाना जाता है। अब तो लोग घर में मांगलिक कार्य होने पर यहां धोक लगाने (जात देने) भी आते है। कई मन्नत मांगने तो कई मन्नत पूरी होने का बताकर यहां वर्ष में एक-दो बार नहीं कई बार आने की बात भी कहते है। पाली आैर जोधपुर ? के साथ आस-पास निवास करनेव वाले तो अवकाश होते ही ओम बन्ना देवल के दरबार में धोक लगाने पहुंचते है।
सड़क हादसे में हुआ था ओम बन्ना का देवलोकगमन
चोटिला गांव के रहने वाले ओम बन्ना का देवलोकगमन 1988 में देवल वाले स्थल पर ही उगे एक पेड़ से बाइक टकराने के कारण हुआ था। उनके पुत्र महान पराक्रमसिंह का कहना है कि उनके पिता जीवन काल में समाजसेवा के लिए समर्पित थे। हमेशा लोगों की सहायता करते थे। उनके देवलोगमन के बाद उनकी बाइक पुलिस थाने में अपने आप स्टार्ट हो गई थी। उन्होंने निधन के दो-तीन बाद ही अपनी मां को सपने में आकर देवलोकगमन स्थल पर देवल बनाने को कहा। इसके बाद यहां देवल की स्थापना की गई। जो आज लोगों की आस्था का केन्द्र बन गया है।
ओम बन्ना देवल पर सुबह सवा सात बजे होती है आरती
ओम बन्ना देवल पर सुबह सात बजे आरती की जाती है। इसके बाद शाम को भी सात बजे आरती की जाती है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है। आरती व पूजन यूं तो ओम बन्ना के परिजन ही करते है। कई बार उनके नहीं पहुंचने पर एक ब्राह्मण की ओर से आरती की जाती है। आरती करते समय घंटे-घडि़याल के साथ ही ढोल व थाली भी बजाए जाते है। यहां बैठे ठोल वाले ओम बन्ना के भजन गाते है। यहां धूप-दीप करने के लिए भी गांव के ही कुछ लोग लगे हुए है।
हर मनाेकामना पूरी करते हैं बुलेट बाबा
ओम बन्ना देवल पर आने वाले अधिकांश श्रद्धालु मन्नत मांगने या मन्नत पूरी होने की बात करते है। सूरज, नागौर क्षेत्र, मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालुओं से बात करने पर उन्होंने ओम बन्ना देवल आने के बाद उनकी इच्छा पूरी होने की बात की। कई लोग अपने मित्रों व विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में ओम बन्ना के बारे में पढक़र देवल पर मत्था टेकने की बात कही। ओम बन्ना देवल पर आने वाले श्रद्धालुओं से बातचीत में एक ही बात सामने आई कि ओम बन्ना उनकी इच्छा पूरी करते है।
अपने आप थाने से देवल पर आ गई थी बाइक !
एक श्रद्धालु ने बाइक अपने आप देवल पर आने की बात कही, लेकिन इसके बाद नकार दिया। हालांकि यह किवदंती हर कोई बताता है कि ओम बन्ना के देवलोक गमन के बाद उनकी बाइक अपने आप पुलिस स्टेशन से देवल पर आई थी। एक बुजुर्ग से बात करने पर उनका कहना था कि ओम बन्ना ने उनको उम्मीद से ज्यादा दिया है। इस कारण वे परिवार के साथ यहां आते है। ओम बन्ना के देवलोक गमन होने के समय केरला थाना हुआ करता था। जबकि रोहट में पुलिस चौकी थी। वहां का स्टॉफ तीस वर्ष में बदल चुका है। इसके बावजूद वहां कुछ लोगों को आेम बन्ना के सम्बन्ध में किवदंती पता है, लेकिन उस समय मौजूद नहीं होने के कारण वे स्पष्ट नहीं बताते है।
पुण्यतिथि पर देशभर से श्रद्धालु पहुंचेगे श्रद्धालु
मान्यता है कि यहां पर दिव्य शक्ति है। बहुत से लोग ये भी दावा करते हैं कि उन्होंने आेम बन्ना से मिलती-जुलती आकृति को दुर्घटनास्थल के पास देखा है। लोग कहते हैं कि इस मार्ग पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती थीं लेकिन पिछले कुछ सालों में इसमें काफी कमी आर्इ है। बुलेट बागा के मंदिर में दूर-दूर से श्रद्घालु आते हैं आैर मनौतियां मांगते हैं। आेम बन्ना की एनफील्ड बुलेट को एक शीशे के आवरण में आज भी मंदिर में रखा गया है, जो लोगों की आस्था का केन्द्र है। ओमबन्ना की 29 वीं पुण्यतिथि शनिवार को पाली-जोधपुर राजमार्ग पर स्थित देवळ पर मनाई जाएगी। ओमबन्ना की पुण्यतिथि पर देशभर से श्रद्धालु ओमबन्ना देवळ पर पहुंचेगे।