
पैनिक एसओएस बटन की गड़बड़ी से बस में फंसे यात्री, पत्रिका फोटो
Panic SOS Button: जयपुर शहर में शुरू की गई नई इलेक्ट्रिक बसों में से एक बस मंगलवार सुबह टोंक रोड पर बीच रास्ते अचानक बंद हो गई। बस के सभी गेट ऑटो लॉक हो गए, जिससे उसमें सवार करीब 30 यात्री अंदर ही फंस गए। अचानक तेज सायरन बजने से बस में हड़कंप मच गया। घटना कुंभा मार्ग के पास हुई। बस चलते-चलते अचानक रुक गई। इसके बाद इमरजेंसी सायरन बजने लगा और गेट लॉक हो गए।
कुछ देर की मशक्कत के बाद किसी यात्री ने गेट के पास बटन से प्रेशर लीक किया। इसके बाद गेट खुला। इस पूरी प्रक्रिया में 8 से 10 मिनट लगे। इस दौरान यात्रियों की सांस फूली रही। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचे मैकेनिक ने तकनीकी खराबी दूर कर बस को फिर से रवाना किया।
टोडी डिपो मैनेजर अनिल पारीक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बस में लगा पैनिक एसओएस बटन में किसी यात्री ने माचिस की तीली डाल दी, इससे बस का इमरजेंसी सिस्टम चालू हो गया, जिससे सायरन बजने लगा और सुरक्षा कारणों से गेट लॉक हो गए। मैकेनिक ने सिस्टम को री-सेट कर बस को दोबारा सामान्य स्थिति में संचालित किया। बस में तकनीकी खराबी को चालक और परिचालक भी ठीक करने में नाकाम रहे।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत हाल ही में जयपुर में 29 और भीलवाड़ा में 18 नई इलेक्ट्रिक स्मार्ट बसों का संचालन शुरू किया है। इन बसों को 20 जून को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
इस घटना ने जेसीटीएसएल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बस चालक का तर्क है कि संचालन की ट्रेनिंग तो दी गई थी, लेकिन पैनिक बटन सक्रिय होने पर ऐसी स्थिति से कैसे निपटना है, इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई थी। ऐसे में सवाल है कि आधुनिक तकनीक की जानकारी दिए बिना ही चालक-परिचालकों को बसोें की कमान कैसे दे दी। तकनीक की जानकारी नहीं होने से आगे भी सड़क पर बस संचालन में हादसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
नई इलेक्ट्रिक स्मार्ट बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाए गए हैं। खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पैनिक बटन का प्रावधान बसों में किया गया है। आपात स्थिति में पैनिक एसओएस बटन दबाने पर जेसीटीएसएल मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम में तुरंत सूचना पहुंचती है। जिससे संबंधित यात्री को सहायता उपलब्ध कराई जाती है। शहरी बस सेवा के अलावा रोडवेज बसों में भी पैनिक एसओएस बटन लगाए हैं।
Updated on:
24 Jun 2026, 7:16 AM IST
Published on:
24 Jun 2026, 7:16 AM IST
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