- संकट की घड़ी में भारी पड़ रहा निगम का नकारापन - जयपुर में नगर निगम का एक ही विद्युत शवदाह गृह, वो भी बंद
- बिजली का बिल नहीं भरने के कारण कटा है विद्युत कनेक्शन
जयपुर। लॉकडाउन के कारण लकड़ियों की आपूर्ति बाधित होने से अंतिम संस्कार में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लोग नगर निगम के विद्युत शव दाह गृह की तरफ देखते हैं, तो वहां से भी निराशा ही हाथ लग रही है। नगर निगम का जयपुर शहर में एक ही विद्युत शव दाह गृह है चांदपोल मोक्षधाम में। वो भी बंद पड़ा है, इसका कारण है नगर निगम ने विद्युत शव दाह गृह का बिजली का बिल नहीं भरा है।
जानकारी के अनुसार जयपुर नगर निगम ने लकड़ियों से होने वाले अंतिम संस्कार की बजाय विद्युत शव दाह गृह की स्थापना की। लेकिन लॉकडाउन के कारण उत्पन्न हालात में नगर निगम का यह शवदाह गृह लोगों के काम नहीं आ रहा है। नगर निगम ने विद्युत शव दाह गृह का बिजली बिल जमा नहीं करवाया है। इसलिए विद्युत शव दाह गृह बंद पड़ा है। लॉकडाउन के मुश्किल हालात में ना तो लकड़ी मिल पा रही है और ना ही विद्युत शव दाह गृह चालू है, ऐसे में लोगों के सामने विकट स्थितियां बन रही है।
एक अंतिम संस्कार में लगती है 12 मण लकड़ी
जानकारी के अनुसार एक अंतिम संस्कार में करीबन 12 मण (480 किलोग्राम) लकड़ी लगती है। पहले जयपुर में लकड़ियां दौसा, सिकराय, भरतपुर, बांदीकुई, धौलपुर से आती थी। लेकिन इन इलाकों में लकड़ियां कम होने से अब बांसवाड़ा—डूंगरपुर से लकड़ी आने लगी है। लॉकडाउन के कारण जयपुर शहर में लकड़ियों की आवक ठप हो गई है। ऐसे में लोगों को अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां मिलना मुश्किल है।
जिम्मेदारों के बोल -
जयपुर में नगर निगम का एक ही विद्युत शव दाह गृह है, चांदपोल मोक्षधाम में। लेकिन बिजली बिल नहीं भरने के कारण वहां विद्युत सप्लाई कट गई है। अब लकड़ियों की कमी है, तो इसका बिजली बिल जमा करवाकर जल्द ही इसे शुरू करवाएंगे।
मनोज गोस्वामी, अधिशासी अभियंता मुख्यालय, नगर निगम जयपुर