
जयपुर। भारतीय पुलिस सेवा के 1985 बैच के अधिकारी ओम प्रकाश गल्होत्रा को पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। निवर्तमान पुलिस महानिदेशक के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें डीजी केडर में शामिल किया गया और पुलिस बेड़े की जिम्मेदारी दी गई। पुलिस मुख्यालय में हुए समारोह में अजीत सिंह से उन्होंने पुलिस महानिदेशक पद का जिम्मा लिया। इसके बाद पुलिस मुख्यालय में अजीत सिंह को समारोह पूर्वक विदाई दी।
ओ.पी. गल्होत्रा ने नई जिम्मेदारी देने पर सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस का एक ही उद्देश्य रहता है और वह है जनता की अपेक्षा पर खरा उतरना। उन्होंने कहा कि पुलिस का एक ही ध्येय है आमजन में विश्वास व अपराधियों में डर। गल्होत्रा की पहली पोस्टिंग एएसपी कोटा सिटी रही थी। इसके बाद वे धौलपुर, चित्तौड़, जोधपुर व भरतपुर में एसपी रहे। वे जयपुर रेंज द्वितीय व प्रथम के आईजी भी रहे। वर्ष 2008 से नवम्बर 2015 तक सीबीआई में प्रतिनिुयक्ति पर रहे। वर्तमान में एडीजी आरएसी का जिम्मा सम्भाले हुए थे।
नहीं आए तीनों दावेदार
डीजी पद के लिए गल्होत्रा के साथ उनसे वरिष्ठ सुनील महरोत्रा, कपिल गर्ग व नवदीप सिंह भी दावेदार थे। नवदीप सिंह को पहले अजीत सिंह के समय और अब गल्होत्रा के समय सरकार ने यह मौका नहीं दिया। इस बार उनके साथ वरिष्ठ होते हुए भी डीजी न बनने वाले अधिकारियों में महरोत्रा व गर्ग भी शामिल थे। अजीत सिंह के विदाई समारोह में ये सभी अधिकारी शामिल नहीं हुए।
दो अधिकारियों की दी पोस्टिंग
अजीत सिंह के सेवानिवृत्त होने के साथ ही डीजी केडर के दो पद खाली हो गए। सरकार ने गल्होत्रा व सुनील महरोत्रा को डीजी केडर में पदोन्नत किया। कार्मिक विभाग ने गुरुवार को ही एक आदेश जारी कर गल्होत्रा के डीजी पद देने के साथ महरोत्रा को पुलिस दूर संचार व कपिल गर्ग को एससीआरबी का जिम्मा दिया। उल्लेखनीय है कि दोनों अधिकारी वर्तमान में ही उसी विभाग में कार्यरत हैं।