
जयपुर। राज्य सरकार ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) में वित्तीय वर्ष 2016-17 के बोनस पर रोक लगा दी है। दिवाली पर इस बार रोडवेज के 19 हजार कर्मचारियों को बोनस नहीं मिला था। उसके बाद से लगातार कर्मचारी बोनस की मांग कर रहे थे। बोनस देने से रोडवेज पर करीब 10 करोड़ रुपए का भार आ रहा था।
कर्मचारियों की इस मांग पर स्थायी पाबंदी लगाने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2016-17 के बोनस पर बोनस एक्ट की धारा 36 के तहत प्रदत्त शक्तियों को उपयोग करते हुए रोक लगा दी है। राज्यपाल की आज्ञा मिलने के बाद इस संबंध में परिवहन विभाग ने गुरुवार को अधिसूचना जारी कराने की तैयारी कर ली थी।
7 फीसदी डीए पहले ही रोका
रोडवेज प्रशासन ने कर्मचारियों को मिलने वाले 7 डीए को पहले ही रोक रखा है। जानकारी के मुताबिक 4 फीसदी डीए जनवरी ने देने की राज्य सरकार ने घोषणा की थी। यह राज्य कर्मचारियों को मिल चुका है, लेकिन रोडवेज प्रशासन ने अभी तक इसका कर्मचारियों को लाभ नहीं दिया। इसी प्रकार 3 फीसदी डीए जुलाई में राज्य कर्मचारियों को मिला, लेकिन रोडवेज में यह भी अभी तक नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि दोनों को मिलाकर 7 फीसदी डीए कर्मचारियों को दिए जाने से करीब 2.5 करोड़ का मासिक भार आएगा।
4 हजार के घाटे में रोडवेज
रोडवेज वर्ष 1997-98 से लगातार घाटे में चल रही है। अब तक यह घाटा बढ़कर 4 हजार करोड़ के आसपास पहुंच गया है। इसमें रोडवेज की ओर से जारी किया गया पब्लिक बॉण्ड भी शामिल हैं।
Published on:
30 Nov 2017, 8:46 PM IST
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