जयपुर

राजस्थान होम स्टे योजना-2026 लागू; ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बड़ा बूस्ट, घर बैठे पंजीकरण

Homestay in Rajasthan: राजस्थान सरकार ने राज्य में ग्रामीण पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। शनिवार को पर्यटन विभाग की ओर से ईज ऑफ डूंईग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग के तहत योजना के प्रावधानों को सरल करते हुए राजस्थान होम स्टे योजना-2026 को घोषणा की गई।

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Feb 21, 2026
सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ

Homestay in Rajasthan: राजस्थान सरकार ने राज्य में ग्रामीण पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। शनिवार को पर्यटन विभाग की ओर से ईज ऑफ डूंईग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग के तहत योजना के प्रावधानों को सरल करते हुए राजस्थान होम स्टे योजना-2026 को घोषणा की गई।
पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए कई प्रावधानों को सरल कर दिया गया है। भारत सरकार के डी रेग्युलेशन 2.0 के तहत सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है।

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सिंगल विंडो सिस्टम से मिलेगी अनुमति

अब होमस्टे शुरू करने के लिए कई तरह की अनुमतियों के लिए अलग अलग विभागों में चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। सभी अनुमतियां विभाग के सिंगली विंडों सिस्टम के तहत जारी होंगी। गुप्ता ने कहा कि 8 कमरे और 24 बेड की सीमा के साथ होम स्टे शुरू किया जा सकता है।

गुप्ता ने कहा कि योजना के पुराने प्रावधानों को सरल किया गया है। मकान मालिक आसानी से होम स्टे इकाई शुरू कर सकेंगे। जिससे छोटे निवेशक,ग्रामीण परिवार और महिला उद्यमी पर्यटन से अपनी आय बढ़ा सकते हैं। पहले मकाल मालिक या परिवार के सदस्य को जहां होम स्टे संचालित है वहां निवास करना जरूरी था। लेकिन अब यह बाध्यता समाप्त कर दी गई है और होमस्टे इकाई का संचालन मकान मालिक, होम स्टे इकाई लीजधारक या तय मापदंडों के तहत नियुक्त केयरटेकर कर सकेगा।

योजना के ये खास प्रावधान

  • घर बैठे ऑनलाइन ही पंजीकरण की सुविधा
  • सात दिन में अस्थाई और तीन माह में स्थाई रजिस्ट्रेशन
  • दो वर्ष के लिए किया जाएगा रजिस्ट्रेशन
  • तय अविधि में प्रमाण पत्र जारी नहीं तो स्वत पंजीकरण
  • ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटक स्वागत केन्द्रों पर पंजीकरण की सुविधा
  • सिल्वर और गोल्ड श्रेणी में पंजीकृत होंगे होम स्टे
  • सिल्वर के लिए 1 हजार और गोल्ड के लिए 2 हजार पंजीकरण शुल्क
  • स्थानीय पर्यटक स्वागत केंद्रों के माध्यम से विकेन्द्रीकृत पंजीकरण
  • ग्रामीण पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन

कमरों की अधिकतम संख्या बढ़ाई

‘राजस्थान होमस्टे (पेईंग गेस्ट हास) योजना–2026’ के तहत प्रति आवासीय इकाई अनुमत कमरों की अधिकतम संख्या 5 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है, जबकि अधिकतम बैड क्षमता 24 निर्धारित की गई है। इससे आवास क्षमता बढ़ेगी, लेकिन होमस्टे का पारिवारिक स्वरूप भी सुरक्षित रहेगा और छोटे उद्यमियों को भी पर्यटन व्यवसाय में भाग लेने का अवसर मिलेगा। यह योजना पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

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