Homestay in Rajasthan: राजस्थान सरकार ने राज्य में ग्रामीण पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। शनिवार को पर्यटन विभाग की ओर से ईज ऑफ डूंईग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग के तहत योजना के प्रावधानों को सरल करते हुए राजस्थान होम स्टे योजना-2026 को घोषणा की गई।
Homestay in Rajasthan: राजस्थान सरकार ने राज्य में ग्रामीण पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। शनिवार को पर्यटन विभाग की ओर से ईज ऑफ डूंईग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग के तहत योजना के प्रावधानों को सरल करते हुए राजस्थान होम स्टे योजना-2026 को घोषणा की गई।
पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए कई प्रावधानों को सरल कर दिया गया है। भारत सरकार के डी रेग्युलेशन 2.0 के तहत सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है।
अब होमस्टे शुरू करने के लिए कई तरह की अनुमतियों के लिए अलग अलग विभागों में चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। सभी अनुमतियां विभाग के सिंगली विंडों सिस्टम के तहत जारी होंगी। गुप्ता ने कहा कि 8 कमरे और 24 बेड की सीमा के साथ होम स्टे शुरू किया जा सकता है।
गुप्ता ने कहा कि योजना के पुराने प्रावधानों को सरल किया गया है। मकान मालिक आसानी से होम स्टे इकाई शुरू कर सकेंगे। जिससे छोटे निवेशक,ग्रामीण परिवार और महिला उद्यमी पर्यटन से अपनी आय बढ़ा सकते हैं। पहले मकाल मालिक या परिवार के सदस्य को जहां होम स्टे संचालित है वहां निवास करना जरूरी था। लेकिन अब यह बाध्यता समाप्त कर दी गई है और होमस्टे इकाई का संचालन मकान मालिक, होम स्टे इकाई लीजधारक या तय मापदंडों के तहत नियुक्त केयरटेकर कर सकेगा।
‘राजस्थान होमस्टे (पेईंग गेस्ट हाउस) योजना–2026’ के तहत प्रति आवासीय इकाई अनुमत कमरों की अधिकतम संख्या 5 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है, जबकि अधिकतम बैड क्षमता 24 निर्धारित की गई है। इससे आवास क्षमता बढ़ेगी, लेकिन होमस्टे का पारिवारिक स्वरूप भी सुरक्षित रहेगा और छोटे उद्यमियों को भी पर्यटन व्यवसाय में भाग लेने का अवसर मिलेगा। यह योजना पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।