आचार संहिता से ठीक पहले महिला अपराध और कानून व्यवस्था का मुद्दा फिर गरमा गया है। नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ के नेतृत्व में विपक्ष का प्रतिनिधिमंडल रविवार को राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने राजभवन पहुंचा।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। आचार संहिता से ठीक पहले महिला अपराध और कानून व्यवस्था का मुद्दा फिर गरमा गया है। नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ के नेतृत्व में विपक्ष का प्रतिनिधिमंडल रविवार को राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने राजभवन पहुंचा। इसके बाद मिश्र ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पिछले 48 घंटों में महिलाओं के प्रति अपराध की घटनाओं पर प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया। राज्यपाल ने दिन में इस बारे में सीएम से फोन पर भी बात की। इसके बाद शाम को मुख्यमंत्री गहलोत राजभवन पहुंचे और करीब 45 मिनट तक राज्यपाल से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार सोमवार को पुलिस महानिदेशक को भी राजभवन तलब किया जा सकता है। एक-दो दिन में आचार संहिता लागू होने वाली है। ऐसे में राज्यपाल और मुख्यमंत्री की मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है।
हर 48 घंटे में कहीं न कहीं महिला उत्पीड़न: राठौड़
नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने बताया कि पिछले 48 घंटों में प्रदेश में 13 स्थानों पर महिला अत्याचार और बलात्कार की घटनाएं हुई हैं। हर 48 घंटे में कहीं न कहीं महिला उत्पीड़न की गंभीर घटना सामने आ रही है। पीपलखूंट में दो छात्राओं को प्रताड़ित किया गया। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो दोनों बालिकाओं ने जीवन लीला समाप्त कर ली। ज्ञापन देने पहुंचे. नेताओं में सांसद घनश्याम तिवाड़ी, डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, रामचरण बोहरा व दिया कुमारी, राष्ट्रीय मंत्री डॉ.. अल्का सिंह गुर्जर, नारायण पंचारिया, विधायक अशोक लाहोटी, नरपत सिंह राजवी, कालीचरण सराफ, महापौर सौम्या गुर्जर, जिला प्रमुख रमा चौपड़ा एवं महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष रक्षा भंडारी भी शामिल रहे।