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राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव पर बड़ा अपडेट, Election टालने की सरकार की अर्जी पर राजी हुआ हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत-निकाय चुनाव टालने के राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई मंजूर की। संयम लोढ़ा की अवमानना याचिका पर 18 मई को सुनवाई होगी। कोर्ट ने दोनों मामलों की अलग-अलग बेंच में सुनवाई का आदेश दिया।
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जयपुर

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Arvind Rao

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Updated: 30 Apr 2026, 7:26 AM IST

Rajasthan Panchayat and Local Body Elections

Rajasthan Panchayat and Local Body Elections (Patrika Creative Photos)

Rajasthan Panchayat and Local Body Elections: जयपुर: पंचायत-निकाय चुनाव टालने के राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र पर हाईकोर्ट सुनवाई करने को राजी हो गया है। वहीं, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और अन्य की अवमानना याचिका पर अब 18 मई को सुनवाई होगी।

बता दें कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश शुभा मेहता की खंडपीठ ने मंगलवार को पूर्व विधायक संयम लोढ़ा व गिरिराज सिंह देवंदा की अवमानना याचिकाओं पर यह आदेश दिया।

अलग-अलग बेंच सुनवाई करेंगी

इसी दौरान राज्य सरकार ने कहा कि जब चुनाव कराने के लिए समय देने के लिए प्रार्थना पत्र पेश कर दिया है, तो अवमानना याचिका पर सुनवाई जल्दी क्या है? इसके बाद हाईकोर्ट की ने अवमानना याचिकाओं और राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र पर साथ सुनवाई करने के संबंध में कहा कि दोनों मामलों पर अलग-अलग बेंच सुनवाई करेंगी। इस कारण साथ सुनवाई संभव नहीं है।

क्या लिखा प्रार्थना पत्र में?

उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने नवंबर 2025 में 15 अप्रैल तक चुनाव कराने का आदेश दिया था, लेकिन अब है कि ओबीसी सीटों के निर्धारण में समय लगने सहित अन्य कारणों से चुनाव के लिए और समय दिया जाए। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा कि 12 जिला परिषदों और 130 पंचायत समितियों का इस वर्ष कार्यकाल पूरा हो रहा है।

शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी

अन्य पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों का कार्यकाल पहले ही पूरा हो गया है। इसके अलावा प्रार्थना पत्र में यह भी बताया है कि चुनाव में अधिकांश सरकार ने प्रार्थना पत्र पेश कर कहा कि शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी। जो अप्रैल और जुलाई में प्रवेशोत्सव में व्यस्त रहेंगे।

मई-जून में पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी होगी और शिक्षकों का अवकाश रहेगा। जुलाई से सितंबर तक किसान मानसून सीजन के कारण कृषि कार्यों में व्यस्त रहेंगे। इसके बाद शिक्षकों का मध्यावधि अवकाश है और दिसंबर-जनवरी में शीतकालीन अवकाश है।