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राजस्थान में पंचायत चुनाव और मतदाता सूची को लेकर बड़ी अपडेट, अगले महीने बज सकता है चुनावी बिगुल

Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। प्रदेश में 4,02,20,734 वोटर मतदान करेंगे। प्रारूप सूची के बाद 5.73 लाख नाम बढ़ाए गए हैं।
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जयपुर

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Arvind Rao

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Updated: 26 Feb 2026, 1:23 PM IST

Rajasthan Panchayat Election 2026

Rajasthan Panchayat Election 2026 (Photo-AI)

Rajasthan Panchayat Election 2026: राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची का बुधवार को अंतिम प्रकाशन कर दिया। चार करोड़ दो लाख बीस हजार 734 मतदाता मतदान कर सकेंगे।

प्रदेश में 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समिति और 14 हजार 403 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से जिनके कार्यकाल खत्म हो चुके हैं, उनमें कोर्ट के निर्देशों के अनुसार संभवतः अगले महीने चुनाव कराए जा सकते हैं।

आयोग ने 29 जनवरी को मतदाता सूची का प्रारूप जारी किया था। इसमें 3 करोड़ 96 लाख 47 हजार 166 मतदाता थे। वहीं, आपत्तियां और सुझाव आने के बाद उनका निपटारा करते हुए 13 लाख 66 हजार 435 नाम जोड़े गए हैं। जबकि 7 लाख 92 हजार 867 हटाए गए हैं। अब मतदाता सूची में कुल वृद्धि 5 लाख 73 हजार 568 मतदाताओं की हुई है। अंतिम मतदाता सूची में 4,02,20,734 वोटर हैं। इनमें 2,08,62,380 पुरुष, 1,93,58,147 महिला तथा 207 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।

बांसवाड़ा में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

बांसवाड़ा जिले में सर्वाधिक 4.55 तथा फलोदी जिले में 4.46 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, टोंक जिले में न्यूनतम 0.04 प्रतिशत एवं श्रीगंगानगर जिले में 0.19 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।

12 जिला परिषद और 130 पंचायत समितियों का कार्यकाल शेष

आयोग के अनुसार, फिलहाल 41 में से 12 जिला परिषद और 457 पंचायत समितियों में से 130 का कार्यकाल शेष है। इनका कार्यकाल अलग-अलग समय पर दिसंबर 2026 तक पूरा होगा। 5 सितंबर तक 6 जिला परिषद और 78 पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा होगा।

वहीं, 29 अक्टूबर तक 2 जिला परिषद और 22 पंचायत समितियां का कार्यकाल खत्म होगा। इसके बाद 22 दिसंबर तक 4 जिला परिषद और 30 पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा हो जाएगा।

ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का बढ़ रहा इंतजार

पंचायत-नगरीय निकाय चुनाव कराने से पहले वार्डों का आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आना जरूरी है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही आरक्षण तय होगा, लेकिन आयोग की रिपोर्ट का इंतजार खत्म नहीं हो रहा। इससे चुनावों को लेकर वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया रुकी हुई है।