
राजस्थान में जारी नगर निगम चुनाव 2026 के बीच राजधानी जयपुर के शास्त्री नगर स्थित भट्टा बस्ती में रविवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल एक ही मंच पर नजर आए। दोनों ही प्रमुख नेताओं ने आगामी नगर निगम चुनावों के लिए बनाए गए अपने नए गठबंधन का औपचारिक शंखनाद किया। इस दौरान असदुद्दीन ओवैसी और हनुमान बेनीवाल ने अपने भाषण में जयपुर की जमीनी समस्याओं, सड़कों की बदहाली और सरकारी दावों की पोल खोलते हुए तीखा हमला बोला।
जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि जब वे जयपुर के ऐतिहासिक पुराने शहर यानी परकोटे के इलाके में दाखिल हो रहे थे, तो उन्हें यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस जगह पर चारों तरफ टूटी सड़कें, गहरे गड्ढे और कचरे के ढेर दिखाई दिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जयपुर की आम जनता कोई लग्जरी सुविधाओं की मांग नहीं कर रही है, बल्कि उन्हें केवल चलने योग्य सड़कें, पीने का साफ पानी, सीवरेज सिस्टम और बेहतर ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहिए।
असदुद्दीन ओवैसी ने अपने भाषण में कैग (CAG) की आधिकारिक रिपोर्ट के आंकड़े रखते हुए राज्य सरकार और नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक राजस्थान के शहरों में निकलने वाले कुल कचरे में से महज 11 से 25 प्रतिशत हिस्से का ही सही ढंग से प्रसंस्करण या निस्तारण हो पाता है।
ओवैसी ने जनसमूह से पूछा कि जब जनता ईमानदारी से अपने टैक्स का पैसा जमा कर रही है, तो फिर नगर निगम और विकास फंड का पैसा कहां खर्च किया जा रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि जयपुर के गरीब और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में सीवरेज और ड्रेनेज की व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है और लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी राजस्थान सरकार को कटघरे में खड़ा किया। हाल ही में एक सरकारी स्कूल की दीवार गिरने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिए कौन जिम्मेदार है? उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में हजारों स्कूल भवनों और क्लासरूम्स की हालत जर्जर है, जिन्हें तुरंत मरम्मत और पुनर्निर्माण की सख्त जरूरत है।
इसके अलावा, ओवैसी ने सरकारी अस्पतालों में फैली अव्यवस्थाओं, डॉक्टरों व दवाइयों की कमी और महिला सुरक्षा के सरकारी आंकड़ों का हवाला देकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार केवल कागजों पर निवेश और एमओयू (MoU) के आंकड़े दिखाकर अपनी पीठ थपथपाती है, जबकि धरातल पर न तो नई नौकरियां पैदा हो रही हैं और न ही परियोजनाएं शुरू हो पा रही हैं।
जयपुर के ऐतिहासिक परकोटे के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए घोषित 100 करोड़ रुपये के फंड का मुद्दा भी रैली में प्रमुखता से उठा। ओवैसी ने सीधा सवाल पूछा कि जब परकोटे के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी की गई थी, तो फिर यहां की सड़कें टूटी हुई क्यों हैं और सीवर का पानी सड़कों पर क्यों बह रहा है?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने बारी-बारी से जयपुर की जनता को केवल अपना वोट बैंक समझा है। विकास के नाम पर झूठे वादे किए गए और धरातल पर काम शून्य रहा। ओवैसी ने जनता से अपील की कि वे इस बार अपनी ताकत पहचानें और RLP-AIMIM गठबंधन के प्रत्याशियों को चुनाव में भारी बहुमत से जिताकर नगर निगम भेजें।
मंच पर नागौर सांसद और RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने असदुद्दीन ओवैसी का स्वागत करते हुए इस नए गठबंधन को जयपुर के नगर निगम चुनावों में एक मजबूत और पारदर्शी विकल्प बताया। बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान का युवा और किसान अब बदलाव चाहता है।
उन्होंने कहा कि RLP और AIMIM मिलकर जयपुर के हर वार्ड में जनता की आवाज उठाएंगे और नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म करेंगे। दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने और 'हक, इंसाफ और विकास' की इस लड़ाई को तेज करने का आह्वान किया।