दो जासूस पकडऩे का मामला: 2019 से चल रहा था इंटेलिजेंस का आपरेशन
जयपुर. पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में इंटेलिजेंस इकाइयों की पकड़ में आए विकास को हनीट्रेप के जरिए जाल में फंसाया गया था। एजेंसियों की पूछताछ में विकास ने बताया कि वह फेसबुक के माध्यम से एक लडक़ी के झांसे में आ गया था। पिछले मार्च में उन्हें अनुष्का चौपड़ा के फेसबुक अकाउंट से ‘फ्रेंड रिक्वेस्ट’ मिली थी। उसके बाद उसने अपना मोबाइल नंबर शेयर किया और दोनों के बीच बात होने लगी। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि आईएसआई की ऑपरेटिव अनुष्का भी एक भारतीय मोबाइल नंबर का उपयोग कर रही थी और उसने विकास को बताया कि मुंबई में कैंटीन स्टोर विभाग में काम कर चुकी है। इसके बाद अनुष्का ने वाट्सऐप के कई ग्रुप में विकास को शामिल कर दिया। इस ग्रुप में रक्षा और नागरिक सुरक्षा दोनों कर्मचारी थे। इसी में से एक ग्रुप में अनुष्का चौपड़ा ने विकास कुमार की मुलाकात अमित कुमार से कराई। आईएसआई ऑपरेटिव अमित ने भी बताया कि वह सीएसडी और मिलिट्री इंजीनियर सर्विस में काम कर चुका है। इसके बात अमित और विकास की दोस्ती हो गई और बातचीत बढ़ गई और वहीं अनुष्का ने अपना वाट्सऐप और मोबाइल नंबर बंद कर दिया। इसके बाद विकास ने जल्द ही अमित को गुप्त और संवेदनशील जानकारी साझा करना शुरू कर दिया। विकास पानी के विवरण से लेकर गोला, बारूद और यूनिटों की आवाजाही समेत तमाम प्रकार की रिपोर्ट अमित को देता रहा और इसका नियमित रूप से अप्रेल 2019 से भुगतान लेता रहा। भारतीय एजेंसियों की मानें तो सोशल मीडिया पर बनाया गया एकाउंट फर्जी है और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से जुड़ा हुआ है।