
Hanuman Beniwal, PM Modi, CM Bhajanlal - File PIC
राजस्थान में सरकारी अस्पतालों की लैब जांच एक निजी कंपनी को सौंपने के बाद मचे घमासान ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान राजस्थान की बदहाल चिकित्सा व्यवस्था की ओर खींचा है। बेनीवाल का आरोप है कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अपने विभाग की सुध लेने के बजाय निजी हितों को साधने में लगे हैं, जिससे आम जनता के जीवन पर संकट मंडरा रहा है।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि राजस्थान की सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं वर्तमान में लगभग 'वेंटिलेटर' पर हैं। आम जनता को बुनियादी उपचार तक नहीं मिल पा रहा है। अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी, बंद पड़ी मशीनें और कुप्रबंधन ने हालात बदतर कर दिए हैं।
सांसद ने सबसे बड़ा हमला सरकार द्वारा लैब जांच का कार्य एक निजी कंपनी को सौंपने पर किया है। बेनीवाल ने गंभीर आरोप लगाए कि:
बेनीवाल ने सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से प्रश्न किया है कि इस निजी लैब को भ्रष्टाचार और लापरवाही के बावजूद संरक्षण क्यों दिया जा रहा है? उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पिछले 10 दिनों में निजी लैब को काम सौंपने के बाद राज्य में जो स्थितियां बनी हैं, उनकी उच्च स्तरीय समीक्षा की जाए।
सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि जिस स्वास्थ्य मंत्री से पूरे प्रदेश को अपेक्षा है, उनके खुद के गृह जिले नागौर की स्वास्थ्य सेवाएं दयनीय स्थिति में हैं। बेनीवाल ने खींवसर को 'गैर-जिम्मेदार' और 'नाकारा' बताते हुए कहा कि उन्हें अपने महकमे की धरातल से जुड़ी कोई जानकारी नहीं है।
प्राइवेट कंपनी को काम देने से सरकारी अस्पतालों में वर्षों से कम वेतन पर काम कर रहे संविदा और प्लेसमेंट कार्मिकों की आजीविका पर संकट आ गया है। बेनीवाल ने इसे केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि 'आपराधिक कृत्य' बताया है और पीएम मोदी से ऐसे मंत्रियों को कड़ा संदेश देने का आग्रह किया है।
Updated on:
10 Apr 2026 10:07 am
Published on:
10 Apr 2026 10:07 am
