
जयपुर। पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव से पहले दो बच्चों की बाध्यता समाप्त होने का असर राजनीतिक दलों के भीतर दिखाई देने लगा है। भाजपा और कांग्रेस नेताओं के अनुसार इस फैसले के बाद चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इनमें 20 से 25 फीसदी ऐसे नेता और कार्यकर्ता शामिल है, जो दो से अधिक बच्चे होने के कारण पहले चुनावी दौड़ से बाहर हो गए थे।
अब उनके लिए चुनावी रास्ता खुलने से टिकट की दौड़ और लंबी होने के संकेत पार्टियों के कार्यक्रमों और दफ्तरों में भीड़ देखकर मिलने लगे है। दो बच्चों की शर्त का प्रभाव सबसे ज्यादा पंचायत चुनावों पर पड़ता था। राजस्थान में कुल 1,46,746 जनप्रतिनिधि चुने जाने हैं, जिनमें 1,36,501 पद ग्रामीण क्षेत्रों और केवल 10,245 पद नगरीय निकायों के हैं। ऐसे में नियम हटने का सीधा असर गांवों की राजनीति पर पड़ा है।
राजनीतिक दलों के प्रदेश प्रतिनिधियों का अनुमान है कि इस बार पंचायत व निकाय चुनाव में 6 से 7 लाख लोग किस्मत आजमा सकते हैं। यदि औसतन एक सीट पर 5 उम्मीदवार भी चुनाव लड़ते हैं तो संभावित दावेदारों की संख्या 7.33 लाख तक पहुंच सकती है।
राजनीतिक दलों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती टिकट वितरण की मानी जा रही है। पहले जहां दावेदारों की संख्या सीमित थी, वहीं अब पुराने और नए दोनों तरह के चेहरे टिकट की दौड़ में हैं। स्थानीय संगठन से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक को सामाजिक समीकरण, जीत की संभावना और संगठनात्मक सक्रियता के आधार पर चयन करना होगा। कई सीटों पर टिकट को लेकर अंदरूनी प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है। खास बात यह है कि अल्पसंख्यक समुदाय में सबसे ज्यादा दावेदार बढ़ना बताया जा रहा है।
हाल के वर्षों में राजनीतिक दलों ने जेन-जी और युवा मतदाताओं पर विशेष फोकस किया है। संगठन से लेकर चुनावी रणनीति तक युवाओं को आगे लाने की कोशिश हो रही है, लेकिन दो बच्चों की बाध्यता हटने के बाद अब अनुभवी और उम्रदराज चेहरे भी पूरी ताकत से मैदान में उतर सकेंगे। इससे कई क्षेत्रों में मुकाबला 'युवा बनाम अनुभव' का रूप ले सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कई पूर्व जनप्रतिनिधि और प्रभावशाली नेता हैं, जो केवल पात्रता नियम के कारण चुनाव नहीं लड़ पा रहे थे। अब उनके लौटने से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। कई जगह परिवारों और गुटों की पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भी फिर सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है।