जयपुर

Pashu Mela: पशुपालकों के लिए बड़ी सौगात: अब हर जिले में आयोजित होंगे पशु मेले, 11 जिलों में तय हुई तिथियां और स्थान

Animal Welfare: पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की नई पहल, अब गांव-गांव पहुंचेगी पशुपालन की जानकारी, जिला स्तरीय मेलों की शुरुआत।

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Jun 06, 2025
अब हर जिले में लगेंगे पशु मेले। फोटो-पत्रिका।

Rajasthan Animal Fair: जयपुर। राजस्थान सरकार ने पशुपालकों की सुविधा और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य के हर जिले में चरणबद्ध रूप से पशु मेलों का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य दूरदराज़ के किसानों और पशुपालकों तक उच्च नस्ल के पशुओं और नवीनतम पशुपालन तकनीकों की जानकारी पहुंचाना है।

राज्य के पशुपालन, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि अब तक प्रतिवर्ष 10 राज्य स्तरीय पशु मेले आयोजित किए जाते थे, जोकि कला, संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे पशुपालकों की सीमित भागीदारी को देखते हुए जिला स्तरीय पशु मेलों का आयोजन भी शुरू किया जा रहा है।

राज्य सरकार ने पहले ही बजट में इसकी घोषणा की थी, जिसे अब अमली जामा पहनाया जा रहा है। पहले चरण में 11 जिलों में मेले आयोजित होंगे — जोधपुर, जैसलमेर, जयपुर, चुरू, बीकानेर, उदयपुर, राजसमंद, पाली, सिरोही, झुंझुनूं और जालोर।

इन मेलों की तिथियां और स्थान भी घोषित कर दिए गए हैं। चुरू जिले के तालछापर में पहला मेला सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है।

आगामी मेलों का शेड्यूल निम्न प्रकार है:

जिलास्थानपशु मेलातिथि
झुंझुनूंनवलगढ़ - बदरानाबदराना पशु मेला8 – 17 सितंबर
राजसमंदरेलमगरा - समेलिया महादेवसमेलिया महादेव पशु मेला13 – 17 सितंबर
जयपुरतूंगा - देवगांवनईनाथ पशु मेला6 – 10 अक्टूबर
जैसलमेरपोकरण - रामदेवराबाबा रामदेव पशु मेला20 – 24 जनवरी
जोधपुरबड़ली - केरू पंचायत समितिभैरूजी पशु मेला28 जनवरी – 1 फरवरी
बीकानेरलूणकरणसरलूणकरणसर पशु मेला7 – 12 फरवरी
पालीसांडेरावश्रीनिंबेश्वर महादेव पशु मेला15 – 19 फरवरी
जालोरसायलामां कात्यायनी देवी पशु मेला15 – 19 फरवरी
उदयपुरखेमली - जूनावासअंजना माता पशु मेला16 – 20 फरवरी
सिरोहीरेवदर - मंडारलीलाधारी महादेव पशु मेला25 फरवरी – 1 मार्च

पशुपालकों को इन मेलों में नस्ल सुधार, चिकित्सा परामर्श, पशु खरीद-फरोख्त और आधुनिक जानकारी का लाभ मिलेगा। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुधन विकास को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

Published on:
06 Jun 2025 10:15 am
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