
जयपुर। लो-फ्लोर बसों में मासिक पास से यात्रा करने वाले यात्रियों को दिसम्बर में इस पास की सुविधा नहीं मिल पाएगी। उन्हें किराया नकद चुकाना होगा। जेसीटीएसएल ने दिसम्बर के लिए मासिक पास की सुविधा बंद कर दी है। एमडी आकांक्षा चौधरी ने बताया कि कुछ रूट पर लो-फ्लोर की सुविधा बंद हो गई है। इससे यात्री प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में दिसम्बर में मासिक पास की सुविधा नहीं दी जाएगी। गौरतलब है कि करीब 350 लो-फ्लोर बसों से प्रतिदिन लगभग 1.75 लाख यात्री गंतव्य तक पहुंचते हैं। करीब 30 लाख रुपए रेवेन्यू एकत्र होता है। दैनिक यात्रियों को मासिक पास से यात्रा करना करीब 30 प्रतिशत सस्ता पड़ता है। अब नकद किराया चुकाने में 30 प्रतिशत राशि अधिक देनी पड़ेगी।
जेसीटीएसएल चलाएगा 30 नई नॉन एसी मिडी बसें
परकोटा की बिगड़ी यातायात व्यवस्था को अगले महीने में कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) एक दिसम्बर से 30 नई मिडी बसें चलाने वाला है। इसके साथ ही सडक़ पर हांफती लो-फ्लोर बसों को हटा दिया जाएगा।
गौरतलब है कि परकोटे में जाम और वायु प्रदूषण का कारण लो-फ्लोर बसों को भी माना जाता रहा है। व्यापारी बीते कई माह से लो-फ्लोर बसों को बंद करने की मांग कर रहे हैं। अब नई बसों के पंजीयन की प्रक्रि या चल रही है। जाम, रेंगते वाहन परकोटे में अभी एसी-1, एसी-5 और 3-बी रूट की 39 लो फ्लोर बसों की आवाजाही रहती है। हर 7 मिनट में एक रूट की बस परकोटे से गुजरती है। जिस बाजार से ये बसें निकलती हैं, पीछे जाम लग जाता है और वाहनों को रेंग-रेंगकर चलना पड़ता है। स्थिति कई बार यह हो जाती है कि 100 से 200 मीटर की दूरी पर ही 3-4 लो फ्लोर बसें देखी जा सकती हैं। मेट्रो का काम चलने के कारण बड़ी चौपड़ पर तो लो-फ्लोर बसें दिनभर जाम का सबब बनती हैं।
जौहरी बाजार का सबसे बुरा हाल
लो फ्लोर की वजह से सांगानेरी गेट से बड़ी चौपड़ तक का रास्ता तय करने में चौपहिया और दोपहिया वाहन चालकों के पसीने छूट जाते हैं। जौहरी बाजार व्यापार मंडल के महामंत्री कैलाश मित्तल का कहना है कि लो फ्लोर बंद होने पर जाम से काफी हद तक राहत मिलेगी। जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल का कहना है कि लो फ्लोर बसें आए दिन बीच बाजार खराब हो जाती हैं। छोटी और नई बसें चलने से परकोटे को प्रदूषण और जाम से कुछ राहत मिलेगी।