
Rajasthan Assembly 2025: पत्रिका के जनमत सर्वे में प्रदेश के सभी 41 जिलों से नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सर्वे में सामने आया कि इस सत्र को लेकर जनता की अपेक्षाएं बहुत बड़ी हैं। खेत-किसान से लेकर शिक्षा, रोजगार और महिला सुरक्षा तक पर नागरिक चाहते हैं कि विधायक इन मुद्दों पर गहन बहस करें और ठोस नीतियां बनाएं। सर्वे के मुताबिक किसानों को राहत, बेरोजगारी, पेपर लीक रोकने का कानून, महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर सबसे ज्यादा फोकस की जरूरत है।
इस बार जनता की नज़र में विधानसभा सत्र से बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं। सर्वे में सामने आया कि किसानों के लिए फसल मुआवजा, खाद-बीज की उपलब्धता, नदियों को जोड़ने की योजना और चारागाह भूमि संरक्षण सबसे ऊपर हैं। शिक्षा सुधार की मांगें भी गूंज रही हैं। जर्जर स्कूल भवन, शिक्षा बजट में बढ़ोतरी, तृतीय श्रेणी भर्ती और संविदा व आंगनबाड़ी शिक्षकों का स्थायीकरण। स्वास्थ्य सेवाओं में आरजीएचएस की खामियां दूर करने, अस्पतालों की हालत सुधारने और नशा-मुक्त राजस्थान की पहल को प्राथमिकता देने की अपेक्षा है।
बेरोजगारी से जूझते युवाओं ने नियमित भर्ती, पेपर लीक पर सख्त कानून और स्वरोजगार बढ़ाने पर जोर दिया। संविदा कर्मचारियों के स्थायीकरण और ट्रांसफर पॉलिसी का पालन भी प्रमुख मुद्दे बने। महिला सुरक्षा, टूटी सड़कों की मरम्मत, स्मार्ट मीटर विवाद का हल, साफ पानी और स्वच्छता जैसी मूलभूत जरूरतें भी चर्चा में हैं। साथ ही सामाजिक न्याय, अपराध रोकथाम, महंगाई, धरोहरों की देखभाल और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई जैसे सवालों पर जनता ठोस जवाब चाहती है।
जनता चाहती है कि विधानसभा सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप का मंच न बने, बल्कि हर जिले की इन आकांक्षाओं पर ठोस रोडमैप बने। तभी लोकतंत्र की पंचायत जनता की नजरों में सार्थक होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए
राजस्थान विधानसभा के आज से होने वाले सत्र में प्रवर समिति के पास लंबित तीन विधेयक आएंगे, वहीं कैबिनेट से हाल ही मंजूर तीन नए विधेयक भी इसी सत्र में आएंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें