राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक बड़ा संगठनात्मक कदम उठाते हुए 5 महत्वपूर्ण जिलों में 13 नए नगर अध्यक्षों की नियुक्ति की है।
राजस्थान में आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी सांगठनिक मशीनरी को धार देना शुरू कर दिया है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार देर रात अलवर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, ब्यावर और जोधपुर जिलों के विभिन्न शहरों के लिए नए नगर अध्यक्षों की घोषणा की। पार्टी का मुख्य फोकस उन क्षेत्रों पर है जहां पिछले चुनावों में प्रदर्शन कमजोर रहा था या जहां नए राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं।
डोटासरा द्वारा जारी सूची में राज्य के प्रमुख राजनीतिक गढ़ों को कवर किया गया है:
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रदेश में 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत चुनाव संपन्न कराने की हलचल तेज है।
जानें किसे कहां से बनाया नगर अध्यक्ष?
| क्र.सं. | जिला | नगर कांग्रेस कमेटी | नगर अध्यक्ष का नाम |
| 1 | अजमेर ग्रामीण | नसीराबाद | श्री योगेश परिहार |
| 2 | अलवर | नौगांव | श्री गुलशन |
| 3 | अलवर | गोविंदगढ़ | श्री सुनील कुमार मिश्रा |
| 4 | अलवर | रामगढ़ | श्री दया किशन सैनी |
| 5 | अलवर | बड़ौदा मेव | श्री गौरी शंकर |
| 6 | अलवर | बहादुरपुर | श्री धीरज शर्मा |
| 7 | अलवर | मालाखेड़ा | श्री लालाराम सैनी |
| 8 | भीलवाड़ा ग्रामीण | बनेड़ा | श्री भंवर लाल रेगर |
| 9 | भीलवाड़ा ग्रामीण | रायला | श्री अनिल कोगटा |
| 10 | भीलवाड़ा ग्रामीण | शाहपुरा | श्री रमेश सैन |
| 11 | डीडवाना-कुचामन | कुचामन सिटी | श्री सुतेन्द्र सारस्वत |
| 12 | जोधपुर ग्रामीण | बिलाड़ा | श्री गिरधारी लाल परिहार |
| 13 | जोधपुर ग्रामीण | बालेसर सत्ता | श्री संतोष सांखला |
पीसीसी अध्यक्ष डोटासरा ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वे केवल उन नेताओं को आगे ला रहे हैं जो धरातल पर सक्रिय हैं। इन 13 नियुक्तियों में स्थानीय विधायकों और जिलाध्यक्षों की राय को भी तवज्जो दी गई है ताकि चुनाव के समय पार्टी में कोई 'अंतर्कलह' न हो। कांग्रेस का लक्ष्य बीजेपी के 'एक राज्य, एक चुनाव' के नैरेटिव के खिलाफ अपनी जमीनी पकड़ साबित करना है।
हाल के दिनों में गोविंद सिंह डोटासरा ने एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर बीजेपी सरकार को घेरा है। नगर अध्यक्षों की नियुक्ति के समय उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की 'विफलताओं' को घर-घर तक पहुँचाएं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव ही तय करेंगे कि आने वाले समय में राजस्थान की राजनीति किस दिशा में जाएगी।