
आपने कभी नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी की है? यदि हां तो अब कभी मत करिए। क्योंकि कई लोगों के साथ बहुत बुरी बीती है। गाड़ी खड़ी करने के बाद काम निपटाकर लौटे तो गाड़ी उन्हें मिली ही नहीं। घंटों तक पता भी नहीं चला कि गाड़ी कौन ले गया, पुलिस या चोर। दरअसल, नो पार्किंग से गाड़ी उठाने के बाद यातायात पुलिस कोई संकेत ही नहीं छोडक़र जाती कि गाड़ी वह ले गई है। शहर में वाहन चोरी की बढ़ती वारदातों के बीच चोरों को इसका भी फायदा मिल रहा है।
कई लोगों के साथ हुआ ऐसा
वाहन नहीं मिला तो पीडि़त पुलिस कन्ट्रोल रूम और स्थानीय थाना पुलिस के पास पहुंचे, जहां से उन्हें यातायात पुलिस के पास भेजा गया। यातायात पुलिस से पता चला कि वाहन उसने नहीं उठाया। तब तक एक-डेढ़ घंटा निकल गया और चोर वाहन ले उड़े।
यह होना चाहिए
नो पार्किंग से यातायात पुलिस वाहन तो उठाए लेकिन वहां संकेत छोडऩे की व्यवस्था करें। ताकि वाहन मालिक को पता चल सके कि गाड़ी पुलिस ले गई है। ऐसे में वाहन चोरी होने पर तुरन्त पता चल सकेगा और तलाश तत्काल शुरू हो सकेगी।
अजमेरी गेट पर भी सूचना चस्पा नहीं
लोगों का कहना है कि यातायात पुलिस दोपहिया वाहनों को खिलौनों की तरह उठाकर ले जाती है। इसके कारण कई बार हमारे वाहन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। संबंधित वाहन मालिक वर्षों से चले आ रहे अजमेरी गेट यातायात बाड़ा पहुंचता है, लेकिन बाड़ा शिफ्ट होने की सूचना वहां भी नहीं लगाई गई है, इसके परेशानी उठानी पड़ रही है।
नई व्यवस्था के तहत- इन जगहों से उठाए गए वाहनों को इन स्थानों पर ले जाया जाएगा।
गौरव टावर : रामनिवास बाग, ट्रांसपोर्ट नगर, राजापार्क, बजाज नगर, मालवीय नगर, सांगानेर और इनके आस-पास के क्षेत्र के वाहन जब्त कर यहां लाए जाएंगे
बाईस गोदाम पुलिया : अजमेरी गेट, एमआई रोड, सी स्कीम, सहकार मार्ग, सोडाला, श्याम नगर, महेश नगर और इनके आस-पास क्षेत्र के वाहन यहां लाए जाते हैं
झोटवाड़ा पुलिया : संसारचन्द्र रोड, गणपति प्लाजा, रेलवे स्टेशन, झोटवाड़ा रोड, विद्याधर नगर और आस-पास के क्षेत्र के वाहन यहां पहुंचाए जा रहे हैं
जलेब चौक : परकोटा क्षेत्र, दिल्ली रोड, जोरावरसिंह गेट सहित आस-पास क्षेत्र के वाहन यहां लाए जा रहे हैं