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एक करोड़ के आंकड़े को छू सकती है ग्वार, फसल को लेकर हुआ मंथन

अखिल भारतीय वायदा व्यापारी संघ के तत्वावधान में हंसा गेस्ट हाउस में ग्वार डे पर हुई सेमिनार में ग्वार की फसल को लेकर मंथन हुआ।
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बीकानेर

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dinesh kumar swami

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Updated: 3 Oct 2017, 12:01 PM IST

Seminar

सेमिनार

बीकानेर. अखिल भारतीय वायदा व्यापारी संघ के तत्वावधान में सोमवार को यहां हंसा गेस्ट हाउस में ग्वार डे पर हुई सेमिनार में ग्वार की फसल को लेकर मंथन हुआ। सेमिनार में राजस्थान सहित गुजरात, हरियाणा, पंजाब तथा मध्यप्रदेश के व्यापारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष विपिन अग्रवाल तथा संचालन वायदा कारोबारी पुखराज चौपड़ा ने किया।

सेमिनार में अग्रवाल ने किसानों से जुड़े सवालों के जवाब देने के साथ ही फसल को लेकर उम्मीद पर चर्चा की। वहीं वायदा कारोबारी चौपड़ा ने बताया कि इस वर्ष करीब 60 से 65 लाख बोरी ग्वार उत्पादन होने की उम्मीद है। हालांकि एेसी धारणाएं भी सामने आ रही हैं कि उत्पादन एक करोड़ बोरी के आंकड़ों को भी छू सकता है। उन्होंने बताया कि कुछ किसानोंं ने अपनी बारानी भूमि में ग्वार फसल खराबे से हुए नुकसान की बात भी कही।

किसानों की जिज्ञासा दूर की
चार चरणों में हुई सेमिनार के पहले किसान चरण में सुरेन्द्र सिंह शेखावत, अजीत सिंह बेलासर, धमेन्द्र जैन, भींयाराम गाढ़वाला, रामप्रताप बिश्नोई, कृषि वैज्ञानिक इन्द्र मोहन तथा कन्हैया लाल सियाग ने विचार रखे। दूसरे चरण ऑप्शन पैनल में अनिल शर्मा, अशोक मित्तल, एनसीडीईएक्स के अरुण यादव, शरद आचार्य तथा जगदीप ग्रेवाल ने ग्वार उत्पादन पर अपनी बात रखी।

तीसरे चरण एफ्टा कार्य प्रणाली और चौथे चरण में टेक्निकल व फंडामेंटल में विषय विशेषज्ञों ने किसानों और व्यापारियों की जिज्ञासाओं को दूर किया। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष विशाल बगडि़या, सचिव अशोक मित्तल, निखिल वोरा, राजीव रामपुरिया, नरेश सुथार आदि उपस्थित थे।

चर्चा में रही बढ़ी कीमतें
सेमिनार में ग्वार-गम की वर्ष 2011-12 में रही उच्चतम कीमतें खासी चर्चा में रही। जब ग्वार करीब 30 हजार रुपए तथा गम करीब एक लाख रुपए प्रति क्विंटल विक्रय हुआ था। हालांकि इसके बाद ग्वार की कीमतों ने एेसे आंकड़ें नहीं छुए। सेमिनार में विदेशी निर्यात और विदेशों में चल रहे ग्वार के वैकल्पिक प्रयासों पर भी चर्चा की गई।