
जयपुर।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश ने शुक्रवार शाम को जवाहर कला केन्द्र के शिल्पग्राम में 1 जनवरी तक चलने वाली राष्ट्रीय अमृता हाट का शुभांरभ किया। मंत्री भूपेश ने इस मौके पर कहा कि ग्रामीण परिवेश की महिलाओं के द्वारा तैयार उत्पाद बेहतरीन कारीगरी और हुनर का उदाहरण हैं। जयपुर निवासी इनके उत्पाद खरीद कर महिला सशक्तीकरण की मुहिम में योगदान दे सकते हैं। मंत्री भूपेश ने स्वयं सहायता समूहों की दुकानों पर रखे हस्त निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया। इस दौरान वे एक स्टॉल पर पहुंची। वहां उन्हें लाख से निर्मित हार इतना पसंद आया कि हार को गले में पहन लिया। राष्ट्रीय अमृता हाट में हस्त निर्मित उत्पादों की 140 से ज्यादा स्टॉल लगाई गई हैं।
मंत्री ममता भूपेश ने कहा कि राज्य सरकार आईएम शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजनाओं जैसी योजनाओं से महिलाओं को बैंकों के द्वारा अनुदानित ऋण प्रदान कर, उन्हें उद्यमी के रूप में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रही है।महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशालय महिला अधिकारिता द्वारा स्वंय सहायता समूह की महिलाओं को राष्ट्रीय अमृता हाट के माध्यम से जहां उनके उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध करवाया जाता है।
वहीं जयपुरवासियों को एक ही जगह प्रदेशभर के हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रर्दशनी एवं खरीददारी का अवसर मिलता है। किसी को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय अमृता हाट का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। अमृता हाट में राजस्थान राज्य के सभी जिलों के महिला स्वंय सहायता समूहों के उत्पादो की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जा रही है।
राष्ट्रीय अमृता हाट में 140 से ज्यादा स्टाल्स पर महिलाओं को बेहतरीन कारीगरी के उत्पादों को बेचने का अवसर मिला है। जिसमें हैण्डीक्राफ्ट, कशीदाकारी, लाख की चूडियॉ, पेपरमेशी आईटम, सलवार सूट, टेराकोटा, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, चिकन एवं जरी वर्क, कांच एवं पेच वर्क, सभी के पसंदीदा अचार, मुरब्बा, मसाले एवं अन्य हस्तनिर्मित आकर्षक उत्पाद उपलब्ध हैं।
मेला परिसर में आगन्तुकों के स्वादानुसार, समोसा, तंदूरी चाय, भेल-पूरी, चाय-कॉफी, आईसक्रीम एवं अनेक लजीज आईटम उपलब्ध हैं।