जयपुर

Pincon Spirits Scam: दोगुना धन करने का लालच देकर हड़पे लोगों के बचत के पैसे

पिनकोन ग्रुप के संचालकों ने काली कमाई को सफेद कर सात साल में ही 1200 करोड़ रुपए की कम्पनी खड़ी कर दी।

2 min read
Nov 05, 2017

जयपुर। पिनकोन ग्रुप के संचालकों ने काली कमाई को सफेद कर सात साल में ही 1200 करोड़ रुपए की कम्पनी खड़ी कर दी। यह पश्चिम बंगाल में शराब सप्लाई करने वाली प्रमुख कम्पनी है। इसी का प्रभाव है कि पश्चिम बंगाल में एईडब्ल्यू (इकॉनोमिक ओफेंस विंग) में शिकायत होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

यहीं नहीं मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में दर्ज हुई एफआईआर को ठगों ने ठंडे बस्ते में डलवा दिया। आरोपित पश्चिम बंगाल की तरह प्रदेश में भी शराब उत्पादन शुरू करने वाला था। इसके लिए वह जमीन खरीदने का प्रयास कर रहा था।

ये भी पढ़ें

शुभांगना के पिता अब भी हत्या पर कायम, मेडिकल बोर्ड व एफएसएल रिपोर्ट में मौत का कारण फंदा

लालच दे हड़पी लोगों की बचत
एसओजी आईजी दिनेश एमएन ने बताया कि जालसाज धन दोगुना करने का लालच देकर वर्षों से लोगों की बचत हड़प रहे हैं। इन्हें पकडऩे के बाद पुलिस ने बरामदगी का प्रयास किया तो कहीं भी मोटी रकम नहीं मिली। इस पर पूछताछ की गई कि आखिर इतनी रकम कहां गई।

5 साल में धनवर्षा
16 हजार करोड़ रुपए वसूलने के बाद 12 सौ करोड़ रुपए की पिनकोन स्प्रिट नाम की कम्पनी खड़ी की। इस कम्पनी ने मुख्य रूप से वर्ष 2010 से 2014 के बीच ही तरक्की की थी। अब पुलिस इस कम्पनी के साथ अन्य कम्पनियां भी तलाश रही है, जहां ठगी की रकम निवेश की गई है। यह पश्चिम बंगाल के साथ ही उड़ीसा, छत्तीसगढ़ व कर्नाटक में भी शराब सप्लाई करती थी। एडिशनल एसपी करन शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह तथा ललित शर्मा आरोपितों से पूछताछ कर रहे हैं।

ईडी को भेजा जाएगा मामला
जालसाजों की जायदाद गिनी जा रही है। एसओजी मामला ईडी में भेजेगी, जहां सम्पत्ति को जब्त कर उनके स्रोत पूछ जाएंगे। एसओजी पड़ताल में सीबीआई की मदद भी ले सकती है। दस बैंकों में उनके 86 खाते सीज करने के लिए एसओजी ने पत्र लिखा है।

9 नवम्बर तक चलेगी पूछताछ
चारों अभियुक्तों से एसओजी नौ नवम्बर तक पूछताछ करेगी। एक दिन पहले ही मुख्य अभियुक्त मनोरंजन व विनय को अदालत में पेश कर 9 नवम्बर तक रिमांड पर लिया था। इसके बाद हरीसिंह व रघु शेट्टी को भी अदालत में पेश कर एसओजी ने 9 नवम्बर तक रिमांड पर लिया है।

15 दिन लग गए ठगी समझने में
एसओजी को पिनकोन ग्रुप के फर्जीवाड़ा को समझने के लिए 15 दिन लग गए। एसओजी अधिकारी मानते हैं कि परिवाद दर्ज होने के बाद कंपनियों के काम करने की तरीकों की पड़ताल की गई। फिर ग्रुप की सभी कंपनियों की जानकारी जुटाई गई। तब जाकर फर्जीवाड़े का मामला समझ में आया।

हालांकि इस तरह के मामलों में सीबीआई, ईडी और रिजर्व बैंक कार्रवाई करते हैं। इसलिए एसओजी अधिकारी भी अब सीबीआई, ईडी और रिजर्व बैंक अधिकारियों से संपर्क साध प्रकरण में सामने आए अन्य तथ्यों को बारीकी से समझ रहे हैं।

ये भी पढ़ें

ओवरलोड बजरी वाहन के टक्कर से 12 लोग हुए बुरी तरह जख़्मी- आक्रोशित ग्रामीणों ने एटक सड़क मार्ग किया जाम
Updated on:
05 Nov 2017 09:46 am
Published on:
05 Nov 2017 09:44 am
Also Read
View All