जयपुर

PKC Project: 2280 मीटर लंबा एक्वाडक्ट चम्बल नदी को पार कर जोड़ेगा राजस्थान के बांधों को

Rajasthan Irrigation Project: पीकेसी परियोजना से राजस्थान को मिलेगी जल क्रांति की नई दिशा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया पीकेसी जल परियोजना का हवाई निरीक्षण, जल प्रबंधन को मिलेगी नई गति।
less than 1 minute read
Jun 06, 2025
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को किया निर्माणाधीन ईसरदा बांध, चम्बल एक्वाडक्ट कार्यों का हवाई निरीक्षण। फोटो-पत्रिका।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को किया निर्माणाधीन ईसरदा बांध, चम्बल एक्वाडक्ट कार्यों का हवाई निरीक्षण। फोटो-पत्रिका।

Chambal Aqueduct: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल (पीकेसी) लिंक परियोजना के तहत चल रहे प्रमुख कार्यों का हवाई निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन ईसरदा बांध, नवनेरा बैराज तथा चम्बल नदी पर बन रहे एक्वाडक्ट स्थल का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री ने राम जल सेतु लिंक परियोजना के अंतर्गत बन रहे एक्वाडक्ट की कार्य प्रगति की सराहना करते हुए इसे जल प्रबंधन और सिंचाई विस्तार के क्षेत्र में मील का पत्थर बताया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त कार्य गुणवत्ता और तय समय सीमा में पूरे किए जाएं, ताकि आमजन को समयबद्ध जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।उन्होंने नवनेरा बैराज के पास प्रस्तावित पम्प हाउस का कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए। इस परियोजना के माध्यम से रामगढ़ (कूल नदी), महलपुर (पार्वती नदी) और नवनेरा (कालीसिंध नदी) बैराजों का जल चम्बल नदी को पार कर मेज बैराज तक पहुंचाया जाएगा, जिसके बाद इसे बीसलपुर और ईसरदा बांध तक लिफ्ट प्रणाली द्वारा भेजा जाएगा।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह एक्वाडक्ट 2280 मीटर लंबा होगा, जिसका एक छोर कोटा जिले के पीपल्दा के समीप समेल गांव और दूसरा बूंदी जिले के गोहाटा गांव से जोड़ा जाएगा।इस निर्माण से जहां जल प्रबंधन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी, वहीं कोटा की सुल्तानपुर तहसील से बूंदी होते हुए कोटा-सवाईमाधोपुर हाईवे तक एक नया पक्का सड़क मार्ग भी सुलभ होगा।

Published on:
06 Jun 2025 09:07 am