
PM Narendra Modi In Rajasthan: राजस्थान के पुष्कर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी परिवार की 44 साल पुरानी पोथी (Manuscript) मिली है। इस पोथी में पीएम के परिवार के बुजुर्गों के बारे में जानकारी मिली है, 1979 में पीएम मोदी के परिजन पुष्कर आए थे तभी यह पोथी तैयार की गई थी। बताया जा रहा है कि इस पोथी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी जिक्र है।
गौरतलब है कि आज प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब दो बजे दिल्ली से विशेष विमान से रवाना होकर करीब तीन बजे किशनगढ़ एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद सेना के हेलीकॉप्टर से पुष्कर के लिए रवाना होंगे और दोपहर 3:35 बजे पुष्कर पहुंचकर ब्रह्मा मंदिर में पूजा-अर्चना और अभिषेक करेंगे। पुष्कर के दर्शन करने के बाद कायड़ विश्रामस्थली में सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नौ साल के कार्यकाल पूरा होने का जश्न मनाने के साथ नई योजना की घोषणा भी कर सकते हैं। राजस्थान में विधानसभा चुनाव प्रचार का आगाज करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के नौ साल के कार्यकाल के बाद राजस्थान में पहली सभा की तैयारी भाजपा संगठन चुनावी आगाज के रूप में कर रहा है।
प्रधानमंत्री के परिजनों का पोथी में लेखा-जोखा
दरअसल हिंदू सनातन धर्म में पुष्कर तीर्थ में पूर्वजों का श्राद्ध करने का है विशेष महत्व है। बताया जाता है कि भगवान श्रीराम ने भी पुष्कर में अपने 7 कुल और 5 पीढ़ियों के पूर्वजों का उद्धार यहां श्राद्ध करके किया था। पुष्कर एकमात्र ऐसा तीर्थ है जहां पर 7 कुल और 5 पीढ़ियों तक के पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध कर्म किया जाता है। जबकि देश में अन्य किसी भी तीर्थ स्थलों पर एक या दो पीढ़ी तक के पूर्वजों के लिए श्राद्ध किए जाते हैं। पुष्कर जगत पिता ब्रम्हा की नगरी है, वहीं पवित्र पुष्कर सरोवर के जल को नारायण के रूप में पूजा जाता है। यहां श्रद्धा के साथ पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
52 घाटों का है विशेष महत्व
पुष्कर के पवित्र सरोवर के 52 घाटों पर श्राद्ध कर्म होते हैं, लोग अपने बुजुर्गों को याद करते हैं। मान्यता है कि पुष्कर के पवित्र सरोवर के घाट पर अपने पूर्वजों के निमित्त किए जाने वाले श्राद्धकर्म से पूर्वजों को शांति मिलती है। वहीं पितृ दोष एवं अन्य व्याधियों से भी मुक्ति मिलती है।