1 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Jaipur News: ACB ने खोली कलक्ट्रेट के PA की पोल, बिल पास कराने के लिए मांग रहा था 8% कमीशन

Jaipur ACB Action: जयपुर कलक्ट्रेट में ACB की कार्रवाई के दौरान पीए पर बिल पास कराने के बदले 8% कमीशन मांगने का आरोप सामने आया। पूछताछ में आरोपी ने रिश्वत से जुड़े अहम खुलासे किए, मामले की जांच जारी है।
2 min read
Google source verification
Anti-Corruption Bureau

Anti-Corruption Bureau (Photo-Patrika)

Jaipur ACB Raid: राजधानी जयपुर के कलक्ट्रेट में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। यहां तैनात एक पीए पर बिल पास कराने के बदले 8% कमीशन मांगने का आरोप है। कार्रवाई के समय आरोपी पहले खुद को बचाने की कोशिश करता रहा और बरामद पैसों को दूसरे कारणों से जोड़ता रहा, लेकिन जब एसीबी ने सख्ती से पूछताछ की तो आखिरकार उसने कमीशन लेने की बात स्वीकार कर ली।

आरोपी भारतीय सेना में दे चुका है सेवा

बताया जा रहा है कि आरोपी पहले भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुका है और रिटायरमेंट के बाद कलेक्ट्रेट में पीए के पद पर काम कर रहा था। एसीबी की कार्रवाई के दौरान उसने पहले बरामद रकम को लैपटॉप के उधार के पैसे बताकर खुद को बचाने की कोशिश की। लेकिन अधिकारियों के एक के बाद एक सवालों के सामने उसकी दलील नहीं टिक सकी। पूछताछ आगे बढ़ी तो उसने आखिरकार मान लिया कि पैसों का मामला बिल पास कराने के बदले लिए जा रहे कमीशन से जुड़ा था।

एसीबी अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है कि आरोपी ने पहले भी इस तरह कितने लोगों से वसूली की और क्या इस मामले में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल है।

रिश्वतखोरी के चक्कर में एडीएम-ईस्ट के पीए हो चके अरेस्ट

हाल ही में एसीबी ने एक अन्य मामले में एडीएम-ईस्ट के निजी सहायक (PA) मुकेश कुमार को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

आरोप था कि उसने एक परिवादी का बकाया बिल पास कराने और फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले पूरे मामले का सत्यापन किया और फिर ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही परिवादी ने आरोपी को केमिकल लगे नोट दिए, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी के हाथ धुलवाए गए, जिसमें पानी का रंग गुलाबी हो गया और रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। इस कार्रवाई के बाद आरोपी के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई और मामले की जांच शुरू की गई।