
- न्यूजर्सी का मामला
- लिंकन टनल के पास करवाई डिलेवरी
परदेश में जरूरत के समय किसी का साथ मिल जाना काफी अहम होता है। और ऐसा ही हुआ न्यूजर्सी में रह रही सत्यप्रिया सेंथिल और कार्तिक लक्ष्मणन के साथ। गर्भवती सत्यप्रिया अपने रूटीन चैकअप के लिए सुबह करीब साढ़े सात बजे पति कार्तिक के साथ मैनहट्टन हॉस्पिटल जा रही थीं।
अस्पताल जाने के लिए कार्तिक ने एक कैब बुक करवाई। लेकिन सत्यप्रिया को कैब में ही अचानक लेबर पेन शुरू हो गया। लिंकन टनल के टोल बूथ को पार करते ही पत्नी की यह हालत देख कार्तिक घबरा गए। इस बीच कैब ड्राइवर ने पोर्ट अथॉरिटी पुलिस ऑफिसर्स से मदद मांगी।
ट्रैफिक के लिहाज से पीक समय होने के बावजूद भी इन पुलिस ऑफिसर्स ने बिना समय गंवाए इस कपल की मदद की। ऑफिसर दाना फुलर, कैथरीन कॉनेट और क्रिस्टल अर्मेंटी इस कपल की मदद को पहुंचे और सत्यप्रिया को संभाला। इन ऑफिसर्स ने कैब की पिछली सीट पर ही सत्यप्रिया की डिलेवरी करवाई। कार्तिक ने बताया कि सत्यप्रिया ने निश्चित समय से ढाई सप्ताह पहले बच्ची को जन्म दिया है।
बच्ची का नाम साईंलक्ष्मी रखा गया है और उसका वजन छह पाउंड और तीन ओंस है। मां और नवजात दोनों एक दम स्वस्थ हैं।
ऑफिसर्स ने बताया कि जैसे ही हमें सत्यप्रिया की हालत के बारे में पता चला हमने जरूरी संसाधन और कंबल जुटाया।
हमने सत्यप्रिया की डिलेवरी करवाई, इसके बाद कार्तिक ने बच्चे की गर्भनाल काटी और हमने मां व नवजात को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उपचार के बाद इस परिवार ने इन ऑफिसर्स को फिर से सत्यप्रिया और साईंलक्ष्मी से मिलने के लिए बुलाया। यह परिवार इन ऑफिसर्स को जादूगर बता रहा है।
सत्यप्रिया और कार्तिक का कहना है कि इन पुलिसवालों ने जो किया वह किसी जादू से कम नहीं है। जरूरत के समय इन पुलिसवालों ने बिना समय गंवाए हमारी मदद की, जो बडी बात है। कार्तिक का कहना है कि अगर हमें समय पर मदद नहीं मिलती तो पता नहीं क्या हो जाता। लेकिन इन पुलिसवालों ने हमारी बहुत मदद की।