सॉफ्टवेयर तैयार नहीं जनता को कर दिया परेशान...
जयपुर। वाहनों की प्रदूषण नियंत्रण जांच को लेकर पिछले चार दिन से पेट्रोल पम्पों पर कतारों में परेशानी झेल रही जनता को राहत मिली है। अब जिले के वाहन चालक तीन जनवरी 2018 तक बिना किसी जुर्माने के वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे या उसका नवीनीकरण करा पाएंगे। तीन जनवरी तक प्रमाण पत्र नहीं लेने या नवीनीकरण नहीं कराने वाले वाहन चालकों को निर्धारित शुल्क के साथ जुर्माना राशि भी देनी होगी।
अभी 4 नवम्बर तक निर्धारित शुल्क पर वैध प्रमाणपत्र लेने और उसके बाद जुर्माने का था प्रावधान
राज्य सरकार ने जिले में 4 अक्टूबर को नई ऑनलाइन राजस्थान मोटरयान प्रदूषण जांच केन्द्र योजना -2017 लागू कर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र अनिवार्य किया था। इसके तहत लोगों को एक माह यानी 4 नवम्बर तक निर्धारित शुल्क पर वैध प्रमाणपत्र लेने और उसके बाद जुर्माने का प्रावधान कर दिया था। अंतिम तिथि नजदीक आते ही जुर्माने के डर से पम्पों पर उमड़ी भीड़ को सुविधा देने के लिए विभाग की व्यवस्थाएं चरमरा गईं। विभाग का सॉफ्टवेयर हांफने लगा, लोगों को घंटों कतारों में इंतजार करना पड़ा। इस परेशानी को राजस्थान पत्रिका ने उठाया और परिवहन विभाग को जुर्माने से छूट की एक माह की अवधि को तीन माह करना पड़ा। 4 नवम्बर को बीते एक माह के बाद अब जुर्माने से छूट की अवधि में दो अतिरिक्त महीने का समय जोड़ा गया है। परिवहन विभाग ने सोमवार को इसके आदेश जारी कर दिए।
तैयार ही नहीं था सॉफ्टवेयर
जिले में करीब दस लाख वाहन चालकों पर आनन-फानन में जुर्माने की तलवार लटकाने वाला परिवहन विभाग खुद ही इस प्रावधान को क्रियान्वित करने के लिए तैयार नहीं था। जुर्माना राशि वसूलने का प्रावधान तो कर दिया लेकिन इसके लिए अपने ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में बदलाव नहीं हुए। विभाग ने कहा है कि सॉफ्टवेयर में जरूरी प्रावधान किए जाने की प्रक्रिया अभी चल रही है। इसीलिए जुर्माने वसूली से छूट की अवधि बढ़ाई गई है।