
जयपुर। राजधानी समेत जयपुर जिले की सडक़ों पर दौड़ रहे लगभग आठ लाख वाहनों पर अगले नौ दिन बाद प्रदूषण के मामले को लेकर जुर्माने की तलवार लटक जाएगी। परिवहन विभाग की ओर से शुरू हुई ऑनलाइन राजस्थान मोटरयान प्रदूषण जांच केन्द्र योजना के तहत सामान्य शुल्क पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र लेने की अंतिम तिथि 15 जून को समाप्त हो रही है।
इसके बाद हर उस वाहन चालक पर 200 से 1000 रुपए का जुर्माने का प्रावधान है, जो बिना वैध प्रमाणपत्र पकड़ा जाएगा। अक्टूबर से शुरू हुई योजना के तहत जिले में ऑन रोड श्रेणी में माने जा रहे करीब 18 लाख वाहनों में से अंतिम समय सीमा तक 10.20 लाख वाहनों को ही प्रमाण पत्र मिल सका है।
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5 हजार से पहले वालों की सीमा बीती
वाहन नम्बरों के मुताबिक प्रमाण पत्र (पीयूसी) लेने के लिए तय फॉर्मूले को देखें तो जिले में बड़ी संख्या में वाहन पहले ही जुर्माने की जद में आ चुके हैं। अंतिम श्रेणी में 5 हजार से 9999 तक के नम्बर वाले वाहनों के लिए समय सीमा 15 जून को समाप्त हो जाएगी।
पांच हजार से पहले वाली सीरिज के नम्बरों के लिए यह सीमा फरवरी और अप्रेल में बीत चुकी। एेसे में यह वाहन पहले ही जुर्माने के दायरे में हैं। सरकार ने पिछले वर्ष अक्टूबर में सभी वाहनों के ऑनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र देने के लिए यह योजना शुरू की थी।
वसूला जाएगा ये जुर्माना
दो पहिया वाहन: निर्धारित अवधि गुजरने के बाद एक माह तक- 200 रुपए एवं एक माह से अधिक समय होने पर 500 रुपए
चौपहिया वाहन: निर्धारित अवधि गुजरने के बाद एक माह तक- 500 रुपए एवं एक माह से अधिक समय होने पर 1000 रुपए