जयपुर

कोसस्थलैयार नदी में सैकड़ों टन मछलियों की मौत

Aug 18, 2026
Rajasthan

चेन्नई. एन्नोर मुहाने के पास कोसस्थलैयार नदी किनारे रविवार को आठ गांवों के मछुआरे अचानक बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत देखकर स्तब्ध रह गए। अनुमानित चार से छह टन मछलियां, झींगे और केकड़े मृत पाए गए। स्थानीय लोगों ने पास के उद्योगों से रासायनिक प्रदूषण की आशंका जताई, जबकि अधिकारियों ने कहा कि कारण अभी स्पष्ट नहीं है। मृत प्रजातियों में मडावै (ग्रे मुल्लेट), केंडई (कार्प), केलुथी (कैटफिश), ऊडान, नेत्तिली (एंकोवी), केलेंगा (लेडीफिश) और कोला शामिल हैं। थलनकुप्पम में मछुआरों ने विरोध प्रदर्शन कर सरकार से कारणों की पहचान, दोषियों पर कार्रवाई और मुआवज़ा व स्थायी वैकल्पिक रोजगार की मांग की। लगभग 8,000 परिवार इस क्षेत्र में मछली पालन पर निर्भर हैं। मछुआरों ने बताया कि शनिवार दोपहर से ही मछलियां आधी मृत अवस्था में तैर रही थी।
घटना ने 2023 के सीपीसीएल ऑयल लीक की याद दिलाई
रविवार सुबह छह किलोमीटर तक नदी में कोई जीवित प्रजाति नहीं दिखी। घटना ने 2023 के सीपीसीएल ऑयल लीक की याद दिला दी, जिसके बाद मछली और झींगा आबादी को एक साल से अधिक समय लगा था पुनःस्थापित होने में। तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) और मत्स्य विभाग ने जांच के लिए पानी और मछलियों के नमूने लिए हैं। टीएनपीसीबी अध्यक्ष अनुराग मिश्रा ने कहा तेल रिसाव या औद्योगिक अपशिष्ट का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है। इस बीच, सेव एन्नोर क्रीक अभियान ने अध्ययन में पाया कि एनटीईसीएल वल्लूर संयंत्र से गर्म पानी के प्रवाह ने नदी का तापमान 40°C से अधिक कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म पानी में ऑक्सीजन की कमी और बढ़ी हुई चयापचय दर मछलियों की मौत का कारण बन सकती है।

Updated on:
18 Aug 2026 06:01 am
Published on:
18 Aug 2026 06:00 am
Also Read
View All