
मुंबई. ठाकुरद्वार जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के तत्वावधान में आयोजित चातुर्मास के दौरान श्रीपती ज्वेल्स पर्ल ई-विंग आदेश्वर भवन में विराजित साध्वी भव्यगुणा ने श्री यंत्र के आत्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री यंत्र को समृद्धि और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। इसकी आराधना से मन की एकाग्रता, सकारात्मकता और आध्यात्मिक उन्नति को बल मिलता है। साध्वी शीतलगुणा ने कहा कि श्री महालक्ष्मी महापूजन श्रद्धा और भक्ति के साथ करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान व्यक्ति में आत्मविश्वास, मनोबल और सकारात्मक सोच विकसित करने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से महापूजन में सहभागी बनने का आह्वान किया। महेंद्र जैन ने बताया कि 30 अगस्त को श्री यंत्र महालक्ष्मी महापूजन का आयोजन होगा। मुख्य पीठिका का लाभ वस्तीमल कपूरचंद बाफना थलवाड़ परिवार ने लिया, जबकि महालक्ष्मी प्रतिमा प्रदान करने का लाभ शांतिदेवी सांकलचंद लुणिया, जालोर ने लिया। ललित जैन ने बताया कि साध्वीवृंद के सानिध्य में चल रहे निगोद निवारण तप के बुधवार प्रात: बियासणा का लाभ पुष्पाबेन जयंतीलाल सोनीगरा परिवार, मुंडारा तथा सायंकालीन बियासणा का लाभ सुशीला देवी देवराज मेहता, भीनमाल ने लिया।