
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा स्वाइन फ्लू पॉजिटिव। पत्रिका फाइल फोटो
जयपुर। राजस्थान में मौसमी बीमारियों के बीच स्वाइन फ्लू ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें मंगलवार देर रात जयपुर के एसएमएस अस्पताल के मेडिकल आइसीयू के बेड नंबर-2 पर रखा गया है। संक्रमण नियंत्रण को देखते हुए इस बेड को सील कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने मरीज और चिकित्सा स्टाफ की सुरक्षा को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरती है।
उल्लेखनीय है कि अगस्त 2026 के पहले पखवाड़े तक राजस्थान में स्वाइन फ्लू के 129 मामले सामने आ चुके हैं। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या केवल 16 थी। यानी एक साल में मामलों में करीब आठ गुना उछाल आया है। राहत की बात यह है कि अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू से किसी मौत की सूचना नहीं है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया है। देर शाम तबीयत नासाज होने पर उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मेडिकल आईसीयू में भर्ती किया। डॉ. मीणा के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से विशेष चिकित्सकीय टीम का गठन किया गया है। यह टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखेगी और आवश्यकतानुसार उपचार उपलब्ध कराएगी। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने की खबर सामने आने के बाद उनके समर्थकों में चिंता का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मंगलवार को विभाग के अधिकारियों की बैठक ली थी। बैठक में स्वाइन फ्लू सहित अन्य बीमारियों को लेकर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए थे। शाम होते होते डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के बीमार होने का समाचार मिला। इसके बाद चिकित्सा मंत्री ने कॉल कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और डॉक्टरों को त्वरित इलाज के निर्देश दिए। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स पर लिखा कि कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के अस्वस्थ होने का समाचार मिला है। ईश्वर से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत पड़ोसी राज्यों में फ्लू के मामले बढ़ने के बाद राजस्थान में भी सर्विलांस बढ़ाया गया है। अस्पतालों को आइसोलेशन बेड और जरूरी व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा संक्रमण किसी नए वायरस या नए स्ट्रेन के कारण नहीं, बल्कि एच1एन1 के मौसमी पैटर्न का हिस्सा है। हालांकि, केस बढ़ने के कारण सतर्कता जरूरी है।
Updated on:
26 Aug 2026 08:48 am
Published on:
26 Aug 2026 07:10 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
