
जयपुर। त्योहारी सीजन में बिजली संकट से जूझ रहे प्रदेशवासियों को कुछ राहत देने के लिए अब सरकारी विभागों में भी बिजली बचत की अनिवार्यता लागू की जा सकती है। ऊर्जा महकमे और डिस्कॉम्स प्रशासन ने सरकार से सभी विभागों में भी बिजली बचत का अधिकारिक आदेश जारी करने की जरूरत जताई है। इसमें मुख्य रूप से बेहद जरूरी नहीं होने पर एसी बंद रखने और लाइट की बजाय ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक रोशनी का उपयोग होना चाहिए। जयपुर डिस्कॉम पहले ही 13 जिलों के अपने सभी कार्यालयों में एसी चलाने पर पाबंदी लगा चुका है। साथ ही बेवजह लाइट जलाने पर भी रोक लगा दी है। इसी आधार पर अन्य सरकारी विभागों में चाह रहे हैं।
आपको बता दें कि सोमवार को बिजली की अधिकतम अनुमानित मांग 12600 मेगावाट की अपेक्षा उपलब्धता केवल 9317 मेेगावाट ही रही। इस तरह करीब 3283 मेगावाट का अंतर रहा। इस कारण एक्सचेंज से 16 रुपए प्रति यूनिट तक बिजली खरीदनी पड़ी है। हालांकि, इसके बाद भी बिजली कटौती जारी है।
मुख्यमंत्री की अपील का हवाला
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहले ही प्रदेशवासियों से बिजली बचत के लिए अपील कर चुके हैं। मौजूदा हालात में आमजन को बिजली बचत के लिए जागरूक करने के लिए भी निर्देश दिए थे। अफसरों ने सीएम की इसी अपील को आगे बढ़ाने की जरूरत जताई है।