प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए सरकारी सहायता पाने का एक और मौका है।
जयपुर। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए सरकारी सहायता पाने का एक और मौका है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब एेसे पात्र आवासहीन परिवारों के नाम भी वरीयता सूची में जुड़ सकेंगे, जो सामाजिक आर्थिक, जातिगत जनगणना (सेक-2019 ) के आधार पर प्रदेश में बनी लाभार्थियों की सूची में नाम जुड़वाने से वंचित रह गए थे।
पात्र व्यक्ति को पंचायत पर दावा पेश करना होगा
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्य सरकार को एेसे अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों के लिए फिर से सर्वे कराने और उनका नाम जोडऩे के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही पंचायतों को सर्वे करा अतिरिक्त लाभार्थियों की सूची बनाई जाएगी। इसके लिए पात्र व्यक्ति को पंचायत पर दावा पेश करना होगा। इस सूची को पंचायतों के अनुमोदन के बाद 31 मार्च तक केन्द्र को भेजा जाएगा, जहां अंतिम फैसला होगा।
अभी 6.75 लाख की सूची
अभी तक प्रदेश में वर्ष 2019 तक 6.75 लाख आवास मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि सेक सूची में पात्र लाभार्थियों की संख्या प्रदेश में 16.84 लाख बताई गई है। एक और मौका देने के बाद वरीयता सूची में बड़ी संख्या में नए नाम जुडऩे का अनुमान है।
यें होंगे पात्र
आवास योजना में जिन परिवारों को अनिवार्य रूप से पात्र माना गया है, उनमें आश्रयविहीन परिवार, बेसहारा एवं भीख मांगने वाले परिवार, हाथ से मैला ढोने वाले, आदिम जनजातीय समूह और वैधानिक रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ$ मजदूर शामिल हैं। इसके अलावा आय और संसाधन के आधार पर 13 एेसे मानदंड भी हैं, जिनको पूरा करने वाले स्वत: ही आवास की पात्रता से बाहर हो जाएंगे।
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