
जयपुर . हैक्टिक शेड्यूल में लोगों को एक दूसरे के लिए समय निकालना मुश्किल हो गया है। इसलिए लोग वर्चुअल दुनिया तक ही सिमट कर रह गए हैं। बदलते समय में जहां सब कुछ हाईटेक हो गया है। रीति-रिवाज भी धीरे-धीरे वचुअर्ल रूप ले रहे हैं। सात समंदर दूर बैठे लोगों के लिए इंटरनेट ने सब कुछ ईजी कर दिया है। इसी का एग्जाम्पल है कि दुर्गा की पूजा भी अब ऑनलाइन होने लगी है। क्षेत्र के पंडित के पास ऑनलाइन पूजा के लिए ज्यादा क्वेरीज आ रही है। आचार्य राजेन्द्र जोशी दो साल तक अमरीका में साउथ फ्लोरिडा हिन्दू टैम्पल में पुजारी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि विदेशों में लोग एक-दूसरे के सम्पर्क में आने के कारण अब उनसे इंडिया में सम्पर्क करते हैं और दुर्गा पूजन, गणेश पूजा, शिव अभिषेक और दीपावली पूजन ऑनलाइन करवा लेते हैं। मान्यता अनुसार हो रही पूजादुर्गा पूजन में सबसे पहले गणेश पूजन, कलश पूजन, नवग्रह का पूजन, माता दुर्गा की पूजा होती है। पहले दिन गेहूं और जो बोया जाता है। नौवीं तक नौ दिन माता का पाठ, अर्चना जिसमें प्रथम अध्याय से लेकर तेरह अध्याय पढ़े जाते है। लोग अष्टमी के दिन कन्या भोजन करवाते हैं। दिन में हवन के बाद रात्रि जागरण किया जाता है, लेकिन नोर्थ इण्डिया में तीन दिन में पहले तीन दिन काली माता की पूजा, महालक्ष्मी, मां सरस्वती की पूजा की जाती है।
ऑनलाइन पूजन की विधि
ऑनलाइन करने के लिए स्काई और वाट्सप का उपयोग कर विडियो कॉल से पूजा करवाई जाती है, जिसमें सामग्री की व्यवस्था पहले से ही करके रखते हैं और विडियो कॉल में मंत्र का उच्चारण किया जाता है और विदेश में बैठा व्यक्ति हाथ से आहुति देता है। साथ ही दान-पुण्य की वस्तुएं जिसमें फल, मेवे, पैसे आदि चढ़ाते हैं। समय की कमी होती है तो विदेश में लोग एक दिन की अर्चना में 108 नाम या एक हजार नाम दुर्गा जप करते है। अमरीका में हिन्दू त्यौहार की छुट्टी नहीं होने के कारण एक दिन ही पूजा में बैठ पाते हैं। पहले और अंतिम दिन पूजा के लिए समय निकालते हैं। अमरीका में हजारों मंदिर है और मां दुर्गा की पूजा की जाती है।
विदेशो में भी धर्म को प्राथमिकता
अमेरीका, सिंगापुर, दुबई, लंदन में बसने वाले भारतीय लोगों में हिन्दू घर्म के लोग कर्मकाण्ड को अधिक महत्व देते हैं। लंदन में पंजाबी परिवार के लोग भक्ति और त्यौहार को मनाना व सजाना अधिक पूजा को महत्व देते हैं। वह नियम से नौ दिन की आरती सुबह शाम करते हैं।