
जयपुर। करणी विहार इलाके में धावास रोड पर सांगानेर खुली जेल के कैदी गंगासहाय कुमावत की दिनदहाड़े हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि गंगासहाय की हत्या पुरानी रंजिश और बदले की भावना में कराई गई थी। साल 2018 में गंगासहाय ने हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की हत्या कर दी थी। इसी हत्या का बदला लेने के लिए महेंद्र के बेटे आयुष गुर्जर ने गंगासहाय की जान लेने की साजिश रची।
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में चौगान स्टेडियम गोविंद देव कॉलोनी निवासी कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर कन्हैया लाल गुर्जर (40), गणेश नगर मोती डूंगरी निवासी सोनू रजक (19) और अमित राणा (22) शामिल हैं। वारदात की साजिश आयुष गुर्जर ने रची, जो करीब एक महीने पहले नेपाल चला गया था और वहीं से पूरे घटनाक्रम को संभाल रहा था। करीब 12 दिन पहले उसकी लोकेशन भारत-नेपाल बॉर्डर पर मिली थी, जिसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है।
जांच में सामने आया कि आयुष गुर्जर ने वर्ष 2018 में हुई अपने पिता महेंद्र गुर्जर की हत्या का बदला लेने के लिए यह कदम उठाया। इसके लिए उसने अपनी बुआ के बेटे कन्हैया लाल गुर्जर से मदद मांगी। कन्हैया ने हथियार की व्यवस्था कराई। इसके बाद आयुष ने अपने दोस्तों सोनू और अमित को हत्या के लिए तैयार किया और सुपारी दी। आयुष ने गंगासहाय की रैकी भी कराई थी। बुधवार को मौका मिलते ही दोनों ने धावास रोड पर वारदात को अंजाम दे दिया। आरोपी अमित ठेले पर सामान बेचता है। हालांकि अभी पता नहीं लगा सका है कि सुपारी की रकम क्या थी।
वारदात के बाद दोनों शूटर सीधे घर नहीं गए। उन्होंने रास्ते में दोपहिया वाहन बदला और प्रताप नगर पहुंचे। वहां दोनों ने शराब पी और दोपहिया वाहन से शहर में घूमते रहे। देर रात पुलिस ने दोनों को प्रताप नगर से ही पकड़ा। मुख्य आरोपी आयुष की तलाश की जा रही है। वहीं, कन्हैया लाल ने किससे हथियार लिया, उसका भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामदगी के प्रयास कर रही है।
गंगासहाय कुमावत वर्ष 2018 में हुई महेन्द्र गुर्जर की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। अच्छे आचरण के कारण मई 2025 में उसे सांगानेर खुली जेल में शिफ्ट किया गया था। वह रोजाना गिरधारीपुरा स्थित अपने घर आता-जाता था और शाम को बाइक से वापस लौटता था। बुधवार को सांगानेर लौटते समय धावास रोड पर उसकी हत्या कर दी गई। आरोपी को पकड़ने के लिए 10 पुलिस टीमें बनाई गई थीं।
करणी विहार इलाके के धाबास में गंगासहाय बाइक से जा रहा था। इसी दौरान हेलमेट पहने सोनू और अमित स्कूटी से उसके पास पहुंचे। पीछे बैठे आरोपी ने गंगासहाय पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद वह बाइक समेत सड़क पर गिर गया। इसी दौरान शूटरों की स्कूटी भी अनियंत्रित होकर फिसल गई। दोनों बदमाशों ने संभलने के बाद दोबारा फायरिंग की। पुलिस जांच के अनुसार कुल चार से पांच राउंड फायर किए गए, जिनमें से कई गोलियां गंगासहाय को लगीं। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।