
जयपुर।
सरकार ने राजधानी जयपुर सहित पांच ज़िलों के लिए अलग-अलग पांच हाईड्रोलिक लेडर प्लेटफार्म खरीदने की अनुमति दे दी है। इन पांच हाईड्रोलिक लेडर प्लेटफार्म के लिए सरकार 22 करोड़ रूपए खर्च करेगी। मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा की राज्य कार्यकारी समिति की बैठक में इस संबंध में औपचारिक मुहर लग गई।
इस फैसले के अनुसार स्वायत्त शासन विभाग जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, भिवाड़ी ( अलवर) और कोटा जिलों में 22 करोड़ रूपए से 5 हाईड्रोलिक लेडर प्लेटफार्म की खरीद करेगा।
इसके अलावा राज्य के सभी जिलों के 289 उपखण्ड अधिकारियों को वायरलैस सेट्स उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके लिए भी अलग से 100 करोड़ रूपए की अनुमति दी गई है। कोटा जिले में भी सेटेलाईट फोन उपलब्ध करवाने की अनुमति दी गई है। इसके अतिरिक्त जल संसाधन विभाग को वायरलैस सेट व बोट्स क्रय करने के लिए 56 लाख रूपए के आवंटन की सहमति दी गई है।
एक बार में ही 26 करोड़ के प्रस्ताव स्वीकृत
राज्य में एसडीआरएफ को और ज़्यादा मज़बूत करने के साथ ही प्रशिक्षण व आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए 26 करोड़ रूपए के प्रस्तावों पर स्वीकृित का निर्णय लिया गया। मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में हुई राज्य कार्यकारी समिति की बैठक में आपदा प्रबंधन से संबंधित अन्य विभिन्न वित्तीय स्वीकृतियों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में नागरिक सुरक्षा स्वंय सेवकों को प्रशिक्षण एवं अग्नि शमन वाहन के लिए 1 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया। नागरिक सुरक्षा के लिए प्रत्येक जिले के लिये 1-1 लाख रुपये के 1-1 फायर सूट क्रय किये जाने की अनुमति भी दी गयी।
बैठक मेें राज्य में नागरिक सुरक्षा विभाग को बाढ़ प्रभावित 12 जिलों बून्दी, बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, उदयपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, सिरोेही, जालोर, भरतपुर, एवं कोटा के लिए 1-1 इन्फ्लेटेबल रबर बोट उपलब्ध कराने के लिए 54 लाख रुपये की अनुमति दी गई। इसके अतिरिक्त नागरिक सुरक्षा के लिए खोज एवं बचाव उपकरण लाईफ जैकेेट, लाईफ बॉय, बी.ओ.बी. रोप लाईन, गम बूट, हेलमेट, स्ट्रेचर, डे्रगन लाईट, मेगाफोन आदि खरीदने के लिए 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई।