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राजस्थान पुलिस अलर्ट: अपनों की AI क्लोन आवाज में ठगी, पैसे भेजने से पहले करें पहचान की पुष्टि

Cyber Crime Alert: साइबर ठग AI की मदद से किसी व्यक्ति की आवाज को आसानी से क्लोन कर लेते हैं। फिर वे दुर्घटना, अस्पताल में भर्ती होने, चोरी हो जाने या किसी और आपात स्थिति का बहाना बनाकर फोन करते हैं। आवाज इतनी असली लगती है कि सुनने वाला व्यक्ति घबरा जाता है और सोच-समझे बिना पैसे ट्रांसफर कर देता है। पुलिस की सलाह है बिना सोचे समझे पैसे ट्रांसफर नहीं करें।
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जयपुर

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MOHIT SHARMA

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Mohit Sharma

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Updated: 25 Oct 2026, 2:38 PM IST

AI-Voice-Scam (AI-Image)

AI-Voice-Scam (AI-Image)

साइबर अपराधियों ने अब एक और खतरनाक हथियार अपना लिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करके वे आपके रिश्तेदार या परिचित की हूबहू आवाज में फोन कर इमरजेंसी का नाटक रच रहे हैं और तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे हैं। राजस्थान पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस बारे में बड़ा अलर्ट जारी करते हुए आम लोगों से अपील की है कि ऐसी कॉल आने पर बिना पुष्टि किए कभी भी पैसे न भेजें।

ठगी का नया और खतरनाक तरीका

साइबर ठग AI की मदद से किसी व्यक्ति की आवाज को आसानी से क्लोन कर लेते हैं। फिर वे दुर्घटना, अस्पताल में भर्ती होने, चोरी हो जाने या किसी और आपात स्थिति का बहाना बनाकर फोन करते हैं। आवाज इतनी असली लगती है कि सुनने वाला व्यक्ति घबरा जाता है और सोच-समझे बिना पैसे ट्रांसफर कर देता है। पुलिस के अनुसार यह तरीका अब तेजी से फैल रहा है क्योंकि AI टूल्स आसानी से उपलब्ध हो गए हैं।

राजस्थान में ऐसे मामलों की स्थिति

राज्य में साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है। AI और डीपफेक आधारित ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। लोग भावनात्मक दबाव में आकर पैसे भेज देते हैं और बाद में पता चलता है कि आवाज नकली थी। AI वॉइस क्लोनिंग समेत नई तकनीकों से करोड़ों रुपए की ठगी के मामले सामने आए हैं। राजस्थान पुलिस समय-समय पर ऐसी एडवाइजरी जारी करती रहती है ताकि लोग सतर्क रहें।

बचाव के आसान और प्रभावी उपाय

  • इमरजेंसी कॉल आने पर तुरंत पैसे न भेजें।
  • दूसरे नंबर से उस रिश्तेदार या परिचित को कॉल करके सच्चाई की पुष्टि जरूर करें।
  • अज्ञात नंबर से आने वाली कॉल पर जल्दबाजी में कोई भी वित्तीय लेनदेन न करें।
  • OTP, बैंक डिटेल या कोई भी संवेदनशील जानकारी कभी साझा न करें।
  • शक होने पर तुरंत कॉल काट दें और परिवार के अन्य सदस्यों से बात करें।

ऐसे दर्ज करें शिकायत

अगर आप ऐसी किसी ठगी के शिकार हो गए हैं या संदेह है तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। व्हाट्सएप नंबर 9256001930 या 9257510100 पर भी संपर्क कर सकते हैं। राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज की जा सकती है। जल्दी कार्रवाई से पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। राजस्थान पुलिस का संदेश साफ है - “रिश्तेदार की आवाज में इमरजेंसी कॉल आए तो रुकें और जांचें।” तकनीक सुविधा देती है, लेकिन अपराधी इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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