Psychological Counseling Center: साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेंटर शुरू करने की राज्य सरकार की योजना घोषणा बनकर ही रह गई है। सरकार ने जयपुर, कोटा व जोधपुर में सेंटर खोलने की घोषणा की थी।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। Psychological Counseling Center: साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेंटर शुरू करने की राज्य सरकार की योजना घोषणा बनकर ही रह गई है। सरकार ने जयपुर, कोटा व जोधपुर में सेंटर खोलने की घोषणा की थी। फंड की कमी के कारण ये सेंटर नहीं खुल सके। दरअसल राज्य में सुसाइड के केस लगातार बढ़ रहे हैं। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने यह घोषणा की थी। तीनों सेंटर पर कुल 20 करोड़ रुपए खर्च कर सुविधाएं विकसित की जानी हैं।
परामर्श के साथ उपचार की भी सुविधा
पढ़ाई व पारिवारिक तनाव को दूर करने में ये सेंटर मददगार बनेंगे। खासकर स्टूडेंट्स को काफी सहायता मिलेगी। सुसाइड की बढ़ती घटनाओं पर रोक लग सकेगी। सेंटर पर क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट रहेंगे। यदि कोई स्टूडेंट्स तनाव में है तो यहां आकर सीधे सम्पर्क कर सकता है। कोचिंग संस्थान भी ऐसे स्टूडेंट्स को भेज सकते हैं। काउंसलिंग के साथ जरूरत पड़ने पर उनका उपचार भी किया जाएगा।
सेंटर पर ये सुविधाएं
● साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेंटर पर कोई भी व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य को लेकर परामर्श ले सकता है।
● तीन क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, छह काउंसलर्स, चार वार्ड बॉय, सुरक्षाकर्मी और अटेंडेंट होंगे।
● साइकोलॉजिकल बीमारी का पता लगाने के लिए एक लैब भी बनाई जाएगी।
ये है स्थिति
जयपुर: मनोचिकित्सा केंद्र के अधीक्षक डॉ. ललित बत्रा ने बताया कि चिकित्सा केंद्र में सेंटर के लिए जगह चिह्नित है। काउंसलर्स, मनोचिकित्सक व अन्य स्टाफ उपलब्ध होते ही सेंटर शुरू कर देंगे।
कोटा: कोटा मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बीएस शेखावत के अनुसार राज्य सरकार से बजट नहीं मिला है। मेडिकल कॉलेज अपने स्तर पर शुरू करने के प्रयास में जुटा है।
जोधपुर: जोधपुर मेेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा केंद्र के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय गहलोत ने बताया कि बजट नहीं मिला, लेकिन आरएमआरएस (राजस्थान मेडिकल रिलीफ सोसायटी) के जरिए शुरू करने का प्लान बनाया जा रहा है।