जयपुर

हड़ताल का 17वां दिन, राजधानी में परेशान हुए लोग, डेढ़ करोड़ रूपए से ज्यादा का हुआ नुकसान

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Updated: 3 Oct 2018, 1:36 PM IST
bus strike
bus strike

जयपुर ।

प्रदेशभर में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते रोडवेज बसों के पहिए थमे हैं, तो रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में जयपुर के परिवहन की रीढ़ कही जाने वाली लो फ्लोर बसों का संचालन ठप पड़ा है। लो फ्लोर बसों की हड़ताल का आज 17वां दिन है। लो फ्लोर बसें बंद होने से यात्रियों को मिनी बसों में सफर करना पड़ रहा है।

लो फ्लोर बसें बंद होने से लोगों को मजबूरन मिनी बसों में सफर करना पड़ रहा है। लो फ्लोर की हड़ताल के चलते मिनी बसें ओवरलोड चल रही हैं। मौका देखकर कई मिनी बस संचालकों ने कंडम मिनी बसों को भी सड़क पर दौड़ाना शुरू कर दिया है। हालात को देखते हुए ट्रेफिक पुलिस भी कंडम बसों को नहीं रोक रही है।

जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड के अधिकारियों का कहना है कि लो फ्लोर बसों के चालक—परिचालक हड़ताल पर हैं। लो फ्लोर कर्मचारी टोडी हरमाड़ा स्थित जेसीटीएसएल डिपो में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। जेसीटीएसएल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बसों को डिपो में खड़ा कर दिया गया है। इससे जेसीटीएसएल बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है।

डेढ़ करोड़ रूपए से ज्यादा का नुकसान

लोग परेशान हो रहे हैं, लेकिन कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं है। जो लोग लो फ्लोर बसों से रोजाना सफर करते थे, उन्हें अब वैकल्पिक साधनों का उपयोग करना पड़ रहा है। लो फ्लोर बंद होने के कारण आॅटो चालकों और मिनी बस संचालकों की मनमानी बढ़ गई है । वहीं, हड़ताल के कारण रोडवेज को रोजाना यात्री भार से मिलने वाले करीब 15 लाख रूपए का नुकसान हो रहा है। अब तक रोडवेज को डेढ़ करोड़ रूपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।

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