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जयपुर/ कोटा। शहीद हेमराज मीना के पत्नी और बच्चों को रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। शहीद की पत्नी मधुबाला की तबीयत खराब हो गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने उनके घर चिकित्सा टीम तैनात की है। चिकित्सकों ने ड्रिप लगाकर उपचार शुरू कर दिया है। घर के बाहर एम्बुलेंस भी तैनात की है। उधर, जिला प्रशासन ने शहीद की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार करने की तैयारी भी कर ली है। खेत में बने घर के पास ही शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहीद के घर के बाहर हजारों लोग पहुंच चुके हैं। सांसद ओम बिरला, पूर्व विधायक हीरालाल नागर भवानी सिंह राजावत सहित कई जनप्रतिनिधि भी वहां मौजूद हैं। शहीद के घर के मार्ग पर सड़क बनाने का कार्य भी प्रशासन ने शुरू कर दिया है। शहीद हेमराज मीना के बेटे रिशू और अजय ने कहा, 'वे भी बड़े होकर फौज में जाएंगे और आतंकियों को मारेंगे। अजय ने बताया कि दो दिन पहले ही उसके पापा आए थे और कहा था कि तुम मेरे जैसे बनना और बड़े होकर आतंकियों का सफाया करना। मैं अब बड़ा होकर दुश्मनों के होश उड़ा दूंगा।'
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में अवंतीपुरा के गोरीपुरा इलाके में सेना के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 30 जवान शहीद हो गए, जिसमें एक जवान कोटा जिले के सांगोद कस्बे से 8 किमी दूर विनोदखुर्द गांव निवासी हेमराज मीणा भी शामिल हैं। उनके पत्नी और बच्चे सांगोद के सेन कॉलोनी में रहते हैं।
शहीद हेमराज मीणा (40) के गांव विनोद खुर्द में रात करीब साढ़े दस बजे जब पत्रिका संवाददाता पहुंचा तो वहां सन्नाटा था। कुछ लोग जरूर बतिया रहे थे। इन्हें गांव के सपूत हेमराज के शहीद होने की सूचना मिल चुकी थी। हेमराज चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके परिवार में पत्नी मधू, दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। बड़ा भाई रामविलास मीणा गांव में ही रहते हैं। जबकि हेमराज से छोटे भाई देवलाल व सोनू मीणा अधिकांशत: खेत पर ही रहते हैं। रामविलास को भाई के शहीद होने की खबर मिल गई थी। पिता हरदयाल व मां रतना बाई हैं। रामविलास ने बताया कि हेमराज की पत्नी व बच्चे सांगोद की सेन कॉलोनी में रहते हैं। बच्चे वहीं पढ़ते हैं।