
जयपुर. 01 अक्टूबर 2020 को पूर्णिमा है। अधिक मास की यह पूर्णिमा तीन साल में एक बार आने से इसका बहुत महत्व है. अधिक मास, मलमास या पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित है। इस मास में पूर्णिमा और गुरुवार के दिन का संयोग भगवान विष्णु की पूजा को और लाभकारी बना रहा है. आज विष्णुजी के ही श्रीसत्यनारायण अवतार की पूजा की जाती है और व्रत रखकर कथा सुनी जाती है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि आज के दिन श्रीलक्ष्मी नारायण की पूजा करने, पावन नदियों में स्नान करने और दान देने का विधान है। कोरोना काल के कारण नदी में स्नान नहीं कर पाएं तो घर पर पानी में कुछ गंगाजल या नर्मदा जल डालकर स्नान करें। इस दौरान पावन नदियों का स्मरण करें. फिर लक्ष्मीनारायणजी की विधिपूर्वक पूजा करें।
पुरुषोत्तम मास पूर्णिमा मुहूर्त
अधिक मास के आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 30 सितंबर बुधवार को देर रात में 12 बजकर 25 मिनट से हो चुका है. 01 अक्टूबर गुरुवार को देर रात 02 बजकर 34 मिनट तक पूर्णिमा तिथि रहेगी। आज राहुकाल दोपहर 01 बजकर 39 मिनट से दोपहर 03 बजकर 09 मिनट तक रहेगा। राहुकाल का समय छोडकर आज किसी भी वक्त लक्ष्मीनारायण पूजा कर सकते हैं।