जयपुर

राजस्थान की सबसे घुमावदार ‘पुष्कर घाटी’ में लगेगा हादसों पर परमानेंट ब्रेक! No Entry सहित हो रहे बड़े बदलाव

पुष्कर घाटी में अब नहीं चलेंगे बड़े बस और ट्रक! विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का बड़ा एक्शन। हादसों को रोकने के लिए दोनों तरफ लगेंगे हाइट गेज। जानें क्या है नया ट्रैफिक प्लान।

4 min read
May 24, 2026
Pushkar Ghati - File PIC

राजस्थान के सबसे बड़े धार्मिक और पर्यटन केंद्रों में से एक, पुष्कर की यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं और सैलानियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, खबर है कि अजमेर और पुष्कर के बीच स्थित अरावली की पहाड़ियों को चीरकर बनाई गई 'पुष्कर घाटी' अब हादसों के ब्लैक स्पॉट से मुक्त होने जा रही है।

अक्सर देखा जाता है कि इस तंग और तीखे मोड़ों वाली घाटी में बड़े ओवरलोडेड ट्रक, डंपर और ट्रैवलर बसें अनियंत्रित होकर पलट जाती हैं, जिससे गहरी खाई में गिरने के कारण कई मासूम लोग असमय ही काल के ग्रास बन जाते हैं। विधानसभा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक वासुदेव देवनानी ने इन हादसों पर गहरा दुख और मानवीय संवेदनशीलता जताते हुए अजमेर जिला प्रशासन को एक नए और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल को तुरंत धरातल पर उतारने का जिम्मा सौंपा है।

ये भी पढ़ें

जयपुर में ‘मिडनाइट रेड’! बाज़ार में खपाए जाने से पहले हज़ारों लीटर मिलावटी और खट्टे बदबूदार दूध का ‘भंडाफोड़’ 

पुष्कर घाटी : हालिया हादसों ने बढ़ाई चिंता

पुष्कर घाटी केवल एक रास्ता नहीं है, बल्कि यह राजस्थान की आस्था का प्रवेश द्वार है। लेकिन पिछले कुछ महीनों में इस रास्ते पर जो कुछ हुआ, उसने प्रशासन की रातों की नींद उड़ा दी थी:

  • बेकाबू बस का खाई में गिरना: कुछ समय पहले एक यात्री बस ब्रेक फेल होने और अनियंत्रित होने के कारण घाटी के मोड़ से सीधे नीचे गहरी खाई में लुढ़क गई थी, जिसमें भारी जनहानि और चीख-पुकार मची थी।
  • कार और बाइक चालकों की आमने-सामने भिड़ंत: घाटी के तीखे Blind Turns पर ओवरटेकिंग के चक्कर में स्थानीय युवाओं और बाहर से आने वाले पर्यटकों की गाड़ियां आपस में टकरा रही थीं।
  • कमर्शियल वाहनों का भारी दबाव: अजमेर-नागौर और जोधपुर रूट को जोड़ने के चक्कर में कई भारी ट्रक शॉर्टकट के रूप में इस संकरी घाटी का इस्तेमाल कर रहे थे, जो कि इसकी भौगोलिक बनावट के लिहाज से बेहद खतरनाक है।

क्या होता है 'हाइट गेज' और कैसे रोकेगा हादसे?

पुष्कर घाटी मार्ग की सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार अब 'हाइट गेज' को बनाया जा रहा है।

हाइट गेज - File PIC

दोनों मुहानों पर होगी नाकेबंदी: पुष्कर घाटी की शुरुआत (अजमेर छोर) और समाप्ति (पुष्कर छोर) दोनों तरफ लोहे के भारी और मजबूत गार्डर-खंभे लगाए जाएंगे, जिन्हें तकनीकी भाषा में हाइट गेज कहा जाता है।

ऊंचाई तय, बड़े वाहन आउट: इस गेज की ऊंचाई एक निश्चित मानक (जैसे केवल छोटी कार, एसयूवी और एम्बुलेंस के निकलने लायक) पर सेट कर दी जाएगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि कोई भी बड़ा ट्रक, भारी डंपर या ओवरलोडेड बस भौतिक रूप से चाहकर भी घाटी के भीतर प्रवेश नहीं कर पाएगी।

परिवहन विभाग की रूट मैपिंग: बड़े वाहनों को इस रूट से रोकने के बाद उनके लिए वैकल्पिक और सुरक्षित बाईपास रूट तय किए जाएंगे, ताकि अजमेर का व्यापारिक परिवहन भी प्रभावित न हो।

घाटी के कायाकल्प के लिए 5-पॉइंट मास्टर प्लान

अजमेर-पुष्कर के बीच घाटी मार्ग। पत्रिका फाइल फोटो

प्रशासन को दिए गए निर्देशों में केवल हाइट गेज लगाना ही शामिल नहीं है, बल्कि पूरी घाटी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षित बनाने का एक विस्तृत खाका तैयार किया गया है।

पुष्कर घाटी सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित यातायात मास्टर प्लान 2026

प्रस्तावित सुरक्षा उपाय (Safety Measures)प्रशासनिक क्रियान्वयन (Implementation)आम जनता और पर्यटकों को सीधा लाभ (Benefits)
हाइट गेज (Height Gauges) की स्थापनाघाटी के दोनों ओर अजमेर और पुष्कर एंट्री पॉइंट्स पर मजबूत लोहे के बैरियर।निर्धारित ऊंचाई से बड़े वाहनों का प्रवेश स्वतः बंद होगा, जिससे जाम और बड़े पलट-हादसे रुकेंगे।
रेडियम युक्त यातायात संकेतक (Signboards)सभी अंधे मोड़ों और तीखी ढलानों पर चमकीले रिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाना।रात के समय या कोहरे के दौरान बाहरी राज्यों से आने वाले ड्राइवरों को मोड़ों का पहले से आभास हो सकेगा।
डिजिटल गति नियंत्रण (Speed Speedometers)घाटी के संवेदनशील हिस्सों में स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप्स और रडार स्पीड गन की तैनाती।घाटी के भीतर ढलान पर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित रहेगी, जिससे ब्रेक फेल होने का खतरा न्यूनतम होगा।
चौबीस घंटे सीसीटीवी निगरानी (CCTV)पुलिस कंट्रोल रूम से सीधे जुड़े हाई-डेफिनिशन नाइट विजन कैमरों की स्थापना।खतरनाक तरीके से ड्राइविंग करने और स्टंट करने वाले हुड़दंगियों के सीधे ऑनलाइन चालान कटेंगे।
चेतावनी और हेल्पलाइन बोर्डआपातकालीन नंबरों और 'दुर्घटना संभावित क्षेत्र' के बड़े डिस्प्ले बोर्ड लगाना।किसी भी अप्रिय घटना या गाड़ी खराब होने पर पर्यटकों को तुरंत क्रेन और मेडिकल सहायता मिल सकेगी।

देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि

विधानसभा अध्यक्ष ने जिला कलेक्टर और एसपी को जो निर्देश दिए हैं, उनमें मानवीय दृष्टिकोण और पुष्कर की अंतरराष्ट्रीय साख का विशेष ध्यान रखा गया है।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी

देवनानी की अधिकारियों को सख्त हिदायत: "पुष्कर केवल राजस्थान का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की अगाध आस्था का प्रमुख वैश्विक केंद्र है। यहाँ प्रतिदिन हज़ारों की संख्या में विदेशी सैलानी और देश के कोने-कोने से बुजुर्ग श्रद्धालु पवित्र सरोवर में डुबकी लगाने और ब्रह्मा मंदिर के दर्शन करने आते हैं। ऐसे में घाटी मार्ग पर सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना किसी भी प्रशासनिक अमले की पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

क्या 'हाइट गेज' मॉडल बनेगा नजीर?

अजमेर के पुष्कर में लागू किया जा रहा यह 'हाइट गेज और हैवी व्हीकल बैन' मॉडल अगर पूरी तरह सफल रहता है, तो इसे प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों की संवेदनशील घाटियों में भी लागू किया जा सकता है। इससे हर साल होने वाली बेकसूर लोगों की मौत के आंकड़ों में भारी गिरावट आने की उम्मीद है।

समयबद्ध काम पूरा करने की चुनौती

विधानसभा अध्यक्ष के इन कड़े और संवेदनशील निर्देशों के बाद अब गेंद पूरी तरह से अजमेर जिला कलेक्टर और पुलिस प्रशासन के पाले में है। अब प्रशासन को बिना किसी देरी के लोक निर्माण विभाग (PWD) और यातायात पुलिस के साथ संयुक्त बैठक कर हाइट गेज लगाने के टेंडर और डिजाइन को अंतिम रूप देना होगा।

ये भी पढ़ें

IPS Paris Deshmukh : राजस्थान से रिलीव हुआ ये ‘सिंघम’, मिली और बड़ी ज़िम्मेदारी, जानें जांबाज़ी के चर्चित किस्से
Updated on:
24 May 2026 09:45 am
Published on:
24 May 2026 09:44 am
Also Read
View All