
जयपुर. जयपुर में कोई चार दशक बाद हो रहे प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। रवींद्र मंच पर 13 से 15 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में देश भर से 600 से ज्यादा लेखक भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्घाटन 13 सितंबर को सुबह 11 बजे जाने-माने चिंतक और भाषाविज्ञ गणेश देवी करेंगे।
राजस्थान के अलावा 25 राज्यों से आएंगे लेखक
आयोजक संस्था राजस्थान प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव और सम्मेलन के राष्ट्रीय संयोजक ईशमधु तलवार ने बताया कि राजस्थान के अलावा अब तक 25 राज्यों से लेखकों के आने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जिनमें तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, असम, महाराष्ट्र, गुजरात, उड़ीसा, पंजाब, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, दिल्ली आदि राज्य शामिल हैं।
इससे पहले 1982 में जयपुर बना था मेजबान
तलवार ने बताया कि जयपुर के रवीन्द्र मंच पर 37 साल बाद इतिहास अपने आपको दोहराएगा। इससे पहले 1982 में यहीं पर प्रगतिशील लेखक संघ का राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ था।
नामवर सिंह, कन्हैयालाल सेठिया और कैफी आजमी को समर्पित
लेखक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नामवर सिंह की स्मृति में आयोजन स्थल का नाम नामवर नगर रखा जाएगा, जबकि मुख्य द्वार का नाम राजस्थान के लोकधर्मी कवि कन्हैयालाल सेठिया के नाम पर होगा। शायर और गीतकार कैफी आजमी उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने इस लेखक संगठन को सींचा। उनकी जन्मशती पर यह सम्मेलन उन्हें समर्पित रहेगा और मंच का नाम कैफी आजमी मंच होगा।
सांस्कृतिक मार्च से होगा आगाज
13 सितंबर को कार्यक्रम शुरू होने से पहले सुबह लेखकों का सांस्कृतिक पैदल मार्च होगा। तीन दिवसीय सम्मेलन के आखिरी दिन 15 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर पर लेखक संगठन के चुनाव होंगे। इस बार सम्मेलन का ध्येय वाक्य प्रगततिशील लेखक संघ के संस्थापकों में रहे मशहूर शायर फैज अहमद फैज की पंक्ति होगी- ‘उम्मीद-ए-सहर की बात सुनो।’