उदयपुर में 13 से 15 मई तक होने वाले चिंतन शिविर में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी का विधायकों से भी संवाद हो सकता है। इसे लेकर तैयारी शुरू हो गई है। पार्टी सूत्रों की मानें तो राजस्थान में 2023 में विधानसभा चुनाव होना है। कांग्रेस का दावा है कि इस बार सरकार के खिलाफ एंटी इनकमबेंसी नहीं है।
उदयपुर में 13 से 15 मई तक होने वाले चिंतन शिविर में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी का विधायकों से भी संवाद हो सकता है। इसे लेकर तैयारी शुरू हो गई है। पार्टी सूत्रों की मानें तो राजस्थान में 2023 में विधानसभा चुनाव होना है। कांग्रेस का दावा है कि इस बार सरकार के खिलाफ एंटी इनकमबेंसी नहीं है। साथ ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लोगों को लाभ मिल रहा है। इसलिए सरकार रिपिट होने की पूरी संभावना है। इसके चलते ही राहुल और सोनिया कांग्रेस विधायकों से संवाद कर सकते हैं। गौरतलब है कि इस शिविर से ही कांग्रेस 2024 में जीत का मास्टरप्लान तैयार करेगी। यहां संवाद के जरिए पार्टी को एक बार फिर खड़ा करने की कवायद की जाएगी।
सरकार के काम का लेंगे फीडबैक
इस संवाद में पूरा फोकस गहलोत सरकार पर रहने की उम्मीद है। विधायकों से पूछा जाएगा कि सरकार कैसा काम कर रही है और किस तरह आमजन तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जा सकता है। साथ ही सरकार को रिपिट करने के संबंध में भी विधायकों से सुझाव लिए जाएंगे। यह पहला मौका होगा जब सोनिया—राहुल विधायकों से संवाद करेंगे। इस संवाद से विधायकों का मनोबल भी बढ़ेगा।
मोदी सरकार को घेरने की बनेगी रणनीति
लोकसभा चुनाव में अभी दो साल का वक्त बचा है। इस शिविर में केंद्र की गलत आर्थिक नीतियों के खिलाफ प्रस्ताव पास होने की पूरी संभावना है। साथ ही केंद्र सरकार को किन—किन मुद्दों पर घेरा जाए, इसे लेकर भी शिविर में रणनीति बनाई जाएगी। खासकर पेट्रोल—डीजल के दाम और कृषि कानूनों को लेने में हुई देरी पर केंद्र को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी।