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क्या आप जानते हैं कि जब आप अपनी गाड़ी की टंकी फुल करवाते हैं, तो आपकी आँखों के सामने ही आपकी जेब पर डाका डाला जा रहा है? जयपुर में उपभोक्ता मामलात विभाग की ताज़ा छापेमारी में जो खुलासा हुआ है, उसने राजधानी के वाहन स्वामियों के होश उड़ा दिए हैं। मंत्री सुमित गोदारा के आदेश पर निकली जाँच टीमों ने शहर के नामी पेट्रोल पंपों पर न केवल घटतौली पकड़ी, बल्कि उनके नोजल भी सीज कर दिए हैं।
सोमवार को जयपुर जिले के अजमेर रोड, सीकर रोड और दिल्ली रोड पर उपभोक्ता मामलात विभाग की तीन टीमों ने एक साथ औचक निरीक्षण शुरू किया। विधिक माप विज्ञान अधिनियम-2009 के तहत की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ग्राहकों को उनके पैसे की पूरी कीमत मिले। 15 पंपों की जाँच में 3 पंपों पर खेल सीधा और साफ पकड़ा गया।
आमेर तहसील स्थित इस पंप पर जब टीम ने 5 लीटर का माप लिया, तो पता चला कि हर 5 लीटर पर 25 से 30 मिलीलीटर तेल कम दिया जा रहा था।
बगरू रीको इंडस्ट्रियल एरिया स्थित इस पंप पर तो हेराफेरी की सीमा और अधिक थी। यहाँ प्रति 5 लीटर पर 40 मिलीलीटर पेट्रोल कम मिल रहा था।
पुराना दिल्ली रोड, शाहपुरा स्थित इस पंप पर भी प्रति 5 लीटर पर 30 मिलीलीटर की घटतौली पाई गई।
विभाग ने अनियमितता पाए जाने पर दिल्ली रोड स्थित हाईवे सर्विस स्टेशन, आमेर को भी नोटिस जारी किया है। पूरी कार्रवाई के दौरान कुल ₹37,000 का जुर्माना वसूला गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल जयपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राजस्थान में पेट्रोल पंपों की नियमित जाँच की जाएगी।
विभाग की इस कार्रवाई ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है- क्या जयपुर के अन्य इलाकों और प्रदेश के अन्य शहरों में भी यही खेल चल रहा है? 40 मिलीलीटर सुनने में छोटा लगता है, लेकिन जब इसे लाखों उपभोक्ताओं से जोड़कर देखा जाए, तो यह करोड़ों का घोटाला बन जाता है। क्या सरकार अब प्रदेश के हर पंप की डिजिटल ऑडिट कराएगी?
Updated on:
04 May 2026 09:46 pm
Published on:
04 May 2026 09:46 pm
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