Jaipur News: सवाई मानसिंह अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए आइसीयू का मिलना अब भी चुनौती बन चुका है।
विकास जैन।
जयपुर। प्रदेश ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत के कुछ राज्यों के मरीजों का भार भी झेल रहे सवाई मानसिंह अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए आइसीयू का मिलना अब भी चुनौती बन चुका है। अस्पताल में 497 आइसीयू बेड हैं, लेकिन इसके बावजूद हर रोज करीब 100 मरीजों को तत्काल आइसीयू नहीं मिल पाता, जिसके कारण वे निजी अस्पतालों का रुख करते हैं या उनके परिजन को किसी से सिफारिश लगवानी पड़ती है।
वहीं, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के आरयूएचएस अस्पताल में हालात बिल्कुल विपरीत हैं। 270 आइसीयू बेड वाले इस अस्पताल में हर समय केवल 15 से 20 मरीज ही भर्ती रहते हैं। यहां के 700 सामान्य बेड पर भी 100 से कम मरीज भर्ती होते हैं, जबकि इस अस्पताल को खोले हुए लगभग एक दशक हो चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अस्पताल के नजदीकी निजी अस्पताल मरीजों से भरे हुए हैं।
2500 से अधिक सामान्य और आइसीयू बेड वाले सवाई मानसिंह अस्पताल में वर्ष 2024 में 1.70 लाख मरीजों के हिसाब से औसतन 500 मरीज रोजाना भर्ती हुए, जबकि रोजाना डिस्चार्ज किए जाने वाले मरीजों की संख्या 100 रही। यहां प्रतिदिन नए भर्ती और डिस्चार्ज में 400 का अंतर रहा।
इनमें से करीब 300 मरीजों को बैंच या अन्य विकल्पों से भर्ती किया गया। अस्पताल का वर्ष 2024 में आउटडोर करीब 31 लाख रहा और यहां रोजाना औसतन करीब 8,500 मरीज आउटडोर में आए। यहां लगभग सभी सुपर स्पेशिलिटी और अन्य स्पेशिलिटी के लिए आइसीयू बेड आवंटित किए गए हैं। अस्पताल में फिलहाल 26 वार्ड हैं, जिनमें आइसीयू है।
बुधवार को राजस्थान पत्रिका ने आरयूएचएस अस्पताल में मरीजों की स्थिति जानने के लिए ‘रेड’ की तो यह अस्पताल लगभग खाली ही पाया गया। अस्पताल के अधिकतर वार्ड या तो खाली थे या इक्का-दुक्का मरीज भर्ती थे। 700 सामान्य बेड वाले इस अस्पताल में केवल 80 मरीज भर्ती थे और 270 आइसीयू बेड वाले अस्पताल में सिर्फ 19 मरीज भर्ती थे।
2500 से अधिक सामान्य और आइसीयू बेड वाले सवाई मानसिंह अस्पताल में वर्ष 2024 में 1.70 लाख मरीजों के हिसाब से औसतन 500 मरीज रोजाना भर्ती हुए, जबकि रोजाना डिस्चार्ज किए जाने वाले मरीजों की संख्या 100 रही। यहां प्रतिदिन नए भर्ती और डिस्चार्ज में 400 का अंतर रहा।
इनमें से करीब 300 मरीजों को बैंच या अन्य विकल्पों से भर्ती किया गया। अस्पताल का वर्ष 2024 में आउटडोर करीब 31 लाख रहा और यहां रोजाना औसतन करीब 8,500 मरीज आउटडोर में आए। यहां लगभग सभी सुपर स्पेशिलिटी और अन्य स्पेशिलिटी के लिए आइसीयू बेड आवंटित किए गए हैं। अस्पताल में फिलहाल 26 वार्ड हैं, जिनमें आइसीयू है।