मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाईवे मौत का हाईवे बनता जा रहा है। बीते 16 महीने में यहां 251 हादसे हुए। इसमें 73 लोगों की जान चली गई और 228 लोग घायल हुए।
जयपुर/गठवाड़ी: मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाईवे-148 पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। बीते 16 महीने में यहां हुए 251 हादसों में 73 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 70 लोग गंभीर रूप से घायल और 158 सामान्य रूप से घायल हुए हैं।
बता दें कि लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने इस मार्ग को मौत का हाईवे बना दिया है। हाईवे पर ओवर स्पीड और ओवर टेकिंग के चलते सबसे अधिक हादसे हो रहे हैं। जिम्मेदार तंत्र की अनदेखी के चलते आमजन की जान जोखिम में है, लेकिन प्रशासन और पुलिस मूकदर्शक बने हुए हैं।
पिछले दो महीने में हादसों का ग्राफ और बढ़ा है। सिर्फ 65 दिन में 14 दुर्घटनाओं में 21 लोगों ने जान गंवाई और 34 घायल हुए। सबसे अधिक हादसे रायसर थाना क्षेत्र में दर्ज हुए हैं।
बुधवार को भट्टकाबास मोड़ के पास हुए भीषण हादसे में एमपी से दुल्हन लेकर लौट रही सवारी जीप की कंटेनर से टक्कर हो गई। इसमें दुल्हन भारती (19), जीतू कुमावत (33), सुभाष मीणा (28), रवि मीणा (17) और श्रवण मीणा (60) की मौत हुई। आठ अन्य घायल हुए। गुरुवार को इलाज के दौरान गंभीर घायल शंकर मीणा (37) ने भी दम तोड़ दिया।
हादसे में मरने वालों में दो सगे भाई हैं, जबकि तीसरे भाई नरेश का इलाज चल रहा है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिए। लगातार बढ़ रही दुर्घटनाओं के बीच सवाल बना हुआ है कि इन मौतों का जिम्मेदार कौन है?