
पूरे देश में गणतंत्र दिवस खुशी चहक रही है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने राजस्थान के 4 बड़े कलाकारों को पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की है। ये चारों अपने क्षेत्र की दिग्गज हस्तियां हैं। इनके नाम को जानकर आप गर्व महसूस करेंगे। केंद्र सरकार ने राजस्थान की जिन चार हस्तियों को पद्मश्री सम्मान देने का एलान किया है उनमें दो सगे भाई है। ये दोनों मांड गायकी के बादशाह है। इन्हें गायकी के क्षेत्र में अली-गनी बंधु नाम से जाना जाता है। इनके पूरे नाम अली मोहम्मद और गनी मोहम्मद है। बाकी दो में से एक भीलवाड़ा के बहरुपिया कलाकार जानकी लाल और जयपुर के ध्रुवपद गायक लक्ष्मण भट्ट तैलंग के नाम शामिल हैं।
अली - गनी बंधु को पद्मश्री सम्मान
अली मोहम्मद और गनी मोहम्मद गजल गायकी और मांड गायकी का बडत्रा नाम है। यह दोनों मशहूर गायक बीकानेर के तेजरासर गांव के निवासी है। अली मोहम्मद और गनी मोहम्मद ने जहां ग़ज़ल गायकी को हर व्यक्ति के दिल में पहुंचाया वहीं राजस्थान की पारम्पारिक मांड गायकी को आम जनता के बीच पहुंचाया है।
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ध्रुवपद गायकी के मास्टर लक्ष्मण भट्ट तैलंग को पद्मश्री
जयपुर के पंडित लक्ष्मण भट्ट तैलंग ;93 सालद्ध ध्रुवपद गायकी में बड़ा जाना पहचाना नाम है। वह ध्रुवपद गायकी के गुरु हैं। पंडितजी को भी पद्मश्री अवार्ड देने की घोषणा की है। ध्रुवपद गायकी कठिन किस्म के गायन में शामिल है। ध्रुवपद गायकी को हरदिलअजीज बाने के लिए लक्ष्मण भट्ट आज भी काम कर रहे हैं।
जानकी लाल बहरुपिया को भी पद्मश्री
जानकी लाल बहरुपिये भीलवाड़ा के जानी मानी शख्सियत हैं। जानकी लाल बहरुपिये भीलवाड़ा में सब बाबा के नाम से पुकारते हैं। बहरूपिया कला विलुप्त होती कला शैली है। बहरूपिया कला के महारथी जानकी लाल इस लुप्त होती कला शैली 6 दशक से जिंदा रखे हुए है। जानकी लाल बहरुपिये को अपने इस कार्य के लिए पद्मश्री दिया जा रहा है।
दिग्गज विभूतियों को दिया जाता है पद्मश्री सम्मान
देश के विभिन्न क्षेत्रों विज्ञान, उद्योग, कला, सामाजिक कार्य, चिकित्सा, साहित्य, शिक्षा, इंजीनियरिंग, व्यापार, खेल से जुड़ी दिग्गज विभूतियों को पद्मश्री सम्मान दिया जाता है। इस बार देशभर से 34 विभूतियों को यह सम्मान दिया गया है।
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