Rajasthan News: राजस्थान ने केंद्र की राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम योजना के तहत 7 नए औद्योगिक नोड्स का प्रस्ताव दिया है।
Rajasthan News: राजस्थान अब औद्योगिक विकास की दौड़ में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। राज्य सरकार ने केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना के तहत सात नए ज्यादा क्षमता वाले औद्योगिक स्थलों का प्रस्ताव रखा है, जिनका उद्देश्य अगली पीढ़ी के इंडस्ट्रियल हब तैयार करना है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा क्षेत्र में विकसित होने वाले ये हब निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे। ये सभी नोड्स आधुनिक प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर रहेंगे, जिससे उद्योगों को जल्दी शुरू करने में मदद होगी।
राजस्थान राज्य के लिए प्रस्तावित ये सात स्थान आधुनिक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और सुव्यवस्थित प्रशासनिक ढांचे से लैस होंगे। स्पेशल पर्पस व्हीकल्स के जरिए इन परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा, जिससे निवेशकों को कम समय में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
राज्य में पहले से ही दो बड़े औद्योगिक क्षेत्र खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराना और जोधपुर-पाली-मारवाड़ के विकास पर काम चल रहा हैं। खासतौर पर जोधपुर-पाली-मारवाड़ क्षेत्र में काम शुरू हो चुका है, जो राज्य की तैयारियों को दिखाता है। ये परियोजना राज्य और केंद्र मिलकर आगे बढ़ा रहा है।
इनमें से अधिकतर नोड्स दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के प्रभाव क्षेत्र में स्थित हैं। इससे राजस्थान को लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी और औद्योगिक क्लस्टरिंग में बड़ा फायदा मिलेगा। इसके साथ ही पहले से उपलब्ध जमीन इन प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने में मदद करेगी।
राइजिंग राजस्थान 2024 समिट के दौरान राज्य में मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निवेशकों की मजबूत रुचि देखने को मिली। अधिकारियों का मानना है कि यह सकारात्मक माहौल इन नए औद्योगिक नोड्स को सफल बनाने में मुख्य भूमिका निभाएगा।
राज्य को अब केंद्र से मंजूरी का इंतजार है। यदि केन्द्र जल्दी हामी भर देता है, तो राजस्थान देश के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में और मजबूत होकर उभरेगा। इसका मजबूत होना और साथ ही अच्छे से विस्तार मिलना इसके निवेश के लिए फायदे का सौदा बनेगा। मजबूत प्लानिंग, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशकों का बढ़ता भरोसा, ये तीनों फैक्टर राजस्थान को आने वाले समय में इंडस्ट्रियल ग्रोथ का बड़ा केंद्र बना सकते हैं।