
कृषि सम्मेलन का शुभारंभ करते केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान। फोटो: सोशल
जयपुर। राजधानी जयपुर में आयोजित पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में खेती का आधार ही फार्मर आईडी होगी। साथ ही कहा कि देश के हर राज्य का कृषि रोडमैप बनेगा, जिसकी शुरुआत राजस्थान से होगी।
इससे पहले कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से आयोजित पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 2026 का शुभारंभ मंगलवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस मौके पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, सीएम भजनलाल शर्मा सहित राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व गोवा के कृषि मंत्री भी मौजूद रहे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब भी कृषि से जुड़ा काम याद आता तो राजस्थान का नाम सामने आता है। कृषि के विकास के लिए राजस्थान सरकार बहुत गंभीर है। किसानों के बिना खेती की चर्चा संभव नहीं हो सकती है। किसान केवल अन्नदाता ही नहीं जीवन दाता भी है। अलग-अलग एग्रो-क्लाइमेटिक ज़ोन, जलवायु, मिट्टी, मौसम और अलग-अलग फसलों के लिए हमने यह तय किया कि अब रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। पूरे देश में ऐसी 5 रीजनल कॉन्फ्रेंस होंगी। यह हमारा सौभाग्य है कि इनका शुभारंभ राजस्थान की इस पवित्र धरा से हो रहा है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमें कृषि का डायवर्सिफिकेशन करना है। धरती की उर्वरक क्षमता लगातार घट रही है, ऐसे में खेती जैसी पद्धतियों को लगातार बढ़ाना होगा। देश में खेती से महत्वपूर्ण कोई विभाग नहीं है, यह गड़बड़ हो गया तो सब गड़बड़ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हम खाद बीज का वितरण भी फार्मर आईडी से करने वाले हैं। हर राज्य को मिशन मोड में लेकर फार्मर आईडी का काम पूरा करके ही देना है। मौसम की मार से कई जगह नुकसान की खबर मिल रही है, ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा से किसान को पूरा लाभ देने की कोशिश रहेगी। केंद्र सरकार नए वित्तीय वर्ष में बजट रिलीज करेगी, लेकिन उसका समुचित उपयोग राज्य को करना होगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के कृषि को लेकर तीन मुख्य लक्ष्य हैं। पहला देश की खाद्य सुरक्षा हमको सुनिश्चित करनी है। 140 करोड़ भारतीयों के लिए पर्याप्त खाद्यान्न चाहिए। दूसरा आज के युग में हम किसी पर निर्भर नहीं रह सकते है। हमको आत्मनिर्भर होना चाहिए। देश में गेहूं चावल के भंडार भरे हैं रखने की जगह नहीं है। चिंता इस बात की है अभी दलहन की कमी है और आयात करना पड़ता। हमें दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भर होना है। किसान दिन रात अच्छी फसल के लिए पसीना बहा रहा है, इसीलिए किसान की आय को दोगुना करना है। तीसरा हमें पोषण सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, इसके लिए 6 सूत्रीय रणनीति बनाई है।
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी के सशक्त किसान समृद्ध भारत के विजन को धरातल पर उतारने के लिए हमारी सरकार पूर्णतः संकल्पबद्ध हैं। कृषि में नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन की नई योजनाओं के साथ अब प्रदेश में खुशहाली की नई इबारत लिखी जा रही है। किसान कल्याण ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। किसान का विकास तभी सुनिश्चित हो सकता है, जब नीतियां बनाने वाले और अनुसंधान करने वाले लोग खेतों की वास्तविक समस्याओं को गहराई से जानेंगे।
Published on:
07 Apr 2026 02:34 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
