जयपुर

राजस्थान के 7 शहरों में दौड़ेंगी 71 नई इलेक्ट्रिक बसें, सीएम भजनलाल शर्मा ने दिखाई हरी झंडी

राजस्थान में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन को बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी है। पीएम ई-बस सेवा के तहत पहले चरण में 8 प्रमुख शहरों के लिए 675 बसें स्वीकृत हैं। मंगलवार को सीएम भजनलाल शर्मा ने 7 शहरों के लिए 71 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई।
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Aug 18, 2026
Rajasthan Electric Buses
Rajasthan Electric Buses: सीएम भजनलाल शर्मा बसों को हरी झंडी दिखाते हुए (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। राजस्थान के सात शहरों में अब सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर बदलने वाली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर से पीएम ई-बस सेवा के तहत 71 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों के संचालन से जयपुर, भीलवाड़ा, अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर में लोगों को बेहतर और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी। सरकार का फोकस शहरों में यातायात व्यवस्था मजबूत करने के साथ प्रदूषण कम करने पर भी है।

कार्यक्रम के दौरान जयपुर से 24 ई-बसों को रवाना किया गया। इनमें जयपुर और भीलवाड़ा के लिए निर्धारित बसें शामिल हैं। वहीं, 47 बसों का संचालन अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर से शुरू किया गया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और विधायक कालीचरण सराफ समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

कुल 1150 बसों का होगा संचालन

पीएम ई-बस योजना के तहत राजस्थान के 09 शहरों में (जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाडा, उदयपुर, अजमेर, अलवर एंव सीकर) कुल 1150 ई बसों का संचालन किया जायेगा। योजना के प्रथम फेज में प्राप्त होने वाली 675 ई-बसों में से जयपुर में 45, भीलवाड़ा में 18 तथा बीकानेर में 05 अर्थात कुल 68 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ पहले ही किया जा चुका है।

सीएम भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर एवं भीलवाड़ा की 24 अतिरिक्त ई बसों का जयपुर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। इसके अलावा अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा एवं उदयपुर से कुल 47 ई-बसों का वर्चुअल मोड के माध्यम से शुभारंभ किया गया।

8 शहरों के लिए 675 ई-बसों को मंजूरी

राज्य सरकार के मुताबिक पीएम ई-बस सेवा के पहले चरण में राजस्थान के आठ प्रमुख शहरों के लिए 675 बसें स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा राज्य सरकार के प्रयासों से 475 अतिरिक्त ई-बसों को भी मंजूरी मिली है। यानी आने वाले समय में प्रदेश के शहरी परिवहन नेटवर्क में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी।

ई-बसों के संचालन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर भी काम चल रहा है। इसके तहत चार्जिंग स्टेशन, बस स्टॉप और बस स्टैंड जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार का दावा है कि इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते इस्तेमाल से यात्रियों को सुविधाजनक परिवहन के साथ शहरों में प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही रोडवेज के बेड़े में नई बसें शामिल करने की भी तैयारी है।

1,421 शहरी विकास कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शहरी विकास से जुड़े कई अन्य प्रोजेक्ट भी शामिल हैं। मंगलवार को 1,421 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। इनमें सड़क निर्माण और सुधार, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने, जल निकासी, सीवरेज और सुरक्षित सबवे से जुड़े काम शामिल हैं। इन परियोजनाओं के जरिए शहरों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

1.32 लाख से ज्यादा लोगों को 126 करोड़ की सहायता

कार्यक्रम में श्रमिक कल्याण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी सरकार का फोकस देखने को मिला। श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 1 लाख 32 हजार 421 लाभार्थियों को करीब 126 करोड़ रुपए की सहायता राशि वितरित की गई। सरकार के अनुसार इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना तथा शहरी क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।

Updated on:
18 Aug 2026 07:01 pm
Published on:
18 Aug 2026 07:01 pm